UAE, सऊदी और कुवैत का बड़ा फैसला, भारत के इन चीजों पर लगा बैन, आप भी रहें सतर्क


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सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने एक बड़े खतरे को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. जिसके तहत भारत के कुछ चीजों पर बैन लगा दिया गया है. बता दें कि इन दिनों भारत खतरनाक निपाह वायरस को लेकर अलर्ट मोड पर है. इस बीमारी के वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है. जिसे देखते हुए हुए है UAE, सऊदी और कुवैत ने केरल के फ्रोजन एवं संसाधित फलों और सब्जियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, निपाह वायरस मस्तिष्क की खतरनाक सूजन का कारण बन सकता है और इसके सामान्य लक्षण बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस की तकलीफ और भ्रम जैसे लक्षणों से अलग नहीं होते हैं. बता दें कि 29 मई को भी सऊदी अरब अमीरात (यूएई) ने केरल से आयात होने वाली वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया था.
 
 
इस सबंध में संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने कहा था कि केरल से आयात किए जाने वाले 100 टन फल व सब्जियों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके बाद 30 मई को कुवैत और बहराइन ने भी यह प्रतिबंध लागू कर दिया.
 
 
जानकारी के अनुसार यूएई की स्वास्थ्य प्रदाता कंपनी वीपीएस हेल्थकेयर ने केरल सरकार को निपाह से लड़ने के लिए विमान से चिकित्सीय सामग्री भेजी है. अब तक केरल में निपाह से 16 लोगों की मौत हो चुकी है.

निपाह वायरस:
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 1998 में मलेशिया में पहली बार निपाह वायरस का पता लगाया गया था. मलेशिया के सुंगई निपाह गांव के लोग सबसे पहले इस वायरस से संक्रमित हुए थे. इस गांव के नाम पर ही इसका नाम निपाह पड़ा. उस दौरान ऐसे किसान इससे सं​क्रमित हुए थे जो सुअर पालन करते थे.

चमगादड़ों से फैलता है
यह वायरस चमगादड़ से फैलता है. इन्हें फ्रूट बैट कहते हैं. जब ये चमगादड़ किसी फल को खा लेते हैं और उसी फल या सब्जी को कोई इंसान या जानवर खाता है तो संक्रमित हो जाता है।निपाह वायरस इंसानों के अलावा जानवरों को भी प्रभावित करता है. इसकी अब तक कोई वैक्सीन नहीं तैयार हो पाई है। इसकी शुरुआत तेज सिरदर्द और बुखार से होती है.

बरतें ये सावधानियां:

  • निपाह वायरस के इंफेक्शन बचने के लिए सुअर, घोड़े, पेड़ से गिरे फल और ताड़ी से पूरी तरह से दुरी बनाकर रखें
  • फल और सब्जी की खरीदारी करते वक्त या उसे खाने के समय यह ध्यान दें कि वह खुरंचा हुआ नहीं हो.
  • जो फल जमीन पर गिर चुके हैं उने न खाएं
  • खजूर या तार के पेड़ों में खुले में टंगी हुई मटकी वाली ताड़ी का सेवन भी न करें

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admin

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