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जाने लें रेल यात्रा के दौरान बर्थ से जुड़ा यह नियम, नहीं होगी परेशानी

रेल यात्रा के दौरान बर्थ के संबंध में रेलवे द्वारा एक नियम बनाया गया है जिसे यदि आप अभी जान लेते हैं तो आपको यात्रा के दौरान परेशानी नहीं होगी। जब आप टिकट बुक कराते हैं तब आपके पास बर्थ सिलेक्शन का भी विकल्प आता है, लेकिन हर बार आपके मन मुताबिक सीट नहीं मिल पाती हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने एक सख्त नियम बनाया है। ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को अनिवार्य रूप से इस नियम का पालन करना होगा।

ट्रेनों में 5 तरह के बर्थ उपलब्ध होते हैं। पांच तरह के बर्थ में लोअर बर्थ, अपर बर्थ, मिडिल बर्थ, साइड लोअर और साइड अप्पर बर्थ शामिल है। अधिकांश यात्री यह चाहते हैं कि उन्हें मिडिल बर्थ ना मिले और ज्यादातर यात्री लोअर बर्थ को लेना पसंद करते हैं। क्योंकि मिडिल वर्ष वाले यात्रियों को कई बार लोअर बर्थ वाले यात्रियों की सहूलियत के अनुसार चलना होता है। अगर लोअर बर्थ वाले यात्री बैठे हुए हैं तो उन्हें भी नीचे उतर कर बैठना पड़ता है। क्योंकि मिडिल बर्थ वाले को अपने बर्थ को एडजस्ट करने का मौका नहीं मिल पाता है।

लेकिन आपको यह बता दे कि अगर इस बार कोई आपको अपना मिडिल बर्थ नहीं लगाने दें तो आप उन्हें ट्रेन के नियमों के बारे में बताएं। जिनमें से एक नियम यह है कि मिडिल बर्थ वाले यात्री रात 10:00 बजे अपने बर्थ पर जाकर सो सकते हैं और सुबह 6:00 बजे तक उन्हें अपने बर्थ पर सोने का अधिकार मिलेगा। यानी अगर आपको कोई यात्री 10:00 बजे के बाद भी अपनी बर्थ को एडजस्ट करने नहीं दे रहा है और उस पर लेटने नहीं देना है तो आप उसे यह बता सकते हैं कि रेलवे ने रात्रि से 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक मिडिल बर्थ पर सोने का नियम बनाया है।

इसलिए वह आपको वहां पर बर्थ को लगाने से नहीं रोकेगा। हालांकि मिडिल बर्थ वाले व्यक्ति को भी नीचे के लोअर बर्थ वाले व्यक्ति यात्री की सहूलियत का ध्यान रखना होगा। क्योंकि अगर आप देर तक मिडिल बर्थ को नीचे नहीं करेंगी तो नीचे वाले यात्रियों को बैठने में दिक्कत होगी। इसलिए आप कोशिश करें कि रात्रि में 10:00 और सुबह 6:00 बजे के बीच ही अपने बर्थ को लगाएं।

अगर आप ट्रेन यात्रा करते हैं तो शायद आपके साथ भी ऐसा हुआ हो कि रात के 11:00 बज रहा हो और टीटी आपसे आपकी टिकट मांगने पहुंच जाये। क्या आपको यह पता है कि रात के 10:00 बजने के बाद आपके पास आकर आपको टीटी टिकट मांग कर आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता है। टीटी सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे के बीच टिकट का वेरिफिकेशन कर सकता है।

अगर कोई पैसेंजर ट्रेन में 10:00 से लेकर सुबह 6:00 के बीच सो रहा हो तो कोई टीटी आपके पास आने के बाद आपको जागकर टिकट नहीं मांग सकता है। हालांकि जो यात्री रात को 10:00 बजे के बाद अपनी यात्रा शुरू करते हैं उन पर यह नियम लागू नहीं होता है।

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