Saturday, October 23

पूरे सऊदी में क़ानून लागू, ये होगा वेतन, जुर्माना, और सज़ा, कामगारों के लिए बल्ले बल्ले

नमस्कार आपका फिर से स्वागत हैं, UAE के सबसे विश्वसनीय और तेज़ हिंदी ख़बरों के वेब्सायट WWW.AKHANDINDIA.COM में जिसमें हम खाड़ी ख़बर, UAE HINDI के जरिय आप तक पहुँचते हैं. आइए जानते हैं खलीज टाइम के द्वारा रिपोर्ट की गयी ख़बर के बारे में जो की इस प्रकार हैं.
 
सऊदी अरब में किंग सलमान बिन अब्दुल अज़ीज की सरकार ने गैर मुल्की कामगारों को अब तक की सबसे बड़ी राहत दी है। सऊदी अरब में काम कर रहे कामगारों को पासपोर्ट खुद अपने पास रखने का अधिकार मिल गया है। जो कफ़ील या कंपनी कामगारों का पासपोर्ट अपने पास रखेगी उसपर सरकार ने अब जुर्माना लगाने का आदेश जारी कर दिया है।

सऊदी अरब की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लेबर मिनिस्ट्री के इस नए कानून में कामगारों का पासपोर्ट अपने पास रखने वाले कफ़ील या कंपनी पर 2 हज़ार रियाल जुर्माना किया जाएगा। अगर कफ़ील या कंपनी ने दोबारा ऐसा किया तो जुर्माने की रकम को दोगुना कर दिया जाएगा।
नए कानून के मुताबिक विदेशी कामगारों को कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी न देने वाले कफ़ील या कंपनी पर 5 हज़ार रियाल जुर्माना किया जाएगा। कामगारों से कॉन्ट्रैक्ट से हटकर दूसरे काम लेने वाले कफ़ील या कंपनियों पर नए कानून के तहत 15 हज़ार रियाल जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अगर कामगारों से कफ़ील या कंपनी ऐसे खर्चे के लिए कहे जो खुद उसे करना है तो भी जुर्माने की रकम 15 हज़ार रियाल तय की गई है।

क्रम संख्या नियमों का उल्लंघन जुर्माना
1 कामगारों को पासपोर्ट न देना 2,000 सऊदी रियाल
2 कामगारों को कंट्रेक्ट की कापी ने देना 5,000 सऊदी रियाल
3 कामगारों से कंट्रेक्ट से अलग दूसरे काम कराना 15,000 सऊदी रियाल
4 सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों को न मानना 25,000 सऊदी रियाल
5 सऊदी कामगारों के बारे में गलत जानकारी 25,000 सऊदी रियाल
6 विदेशी कामगारों को वीज़ा बेचना 50,000 सऊदी रियाल

नए कानून के मुताबिक कामगारों की तनख्वाह में देरी, ओवर टाइम काम कराने के लिए के दबाव बनाना, ओवर टाइम काम के पैसे न देना, साप्ताहिक छुट्टी या सरकारी छुट्टी के दिन काम के लिए दबाव बनाने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। कामगारों से कफ़ील या कंपनी की तरफ से ज़्यादा गर्मी या खराब मौसम में बगैर एहतियात के काम कराने वाले कफ़ील या कंपिनियों के खिलाफ भी 25 हज़ार रियाल जुर्माने और कार्रवाई की बात कही गई है।
नए कानून में अगर कोई कफ़ील या कंपनी कम से कम 12 फीसदी सऊदी लोगों को ट्रेनिंग नहीं देती है तो उसके खिलाफ भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। किसी कंपनी ने सऊदी लोगों की जाली भर्ती का दावा किया तो उसपर 25 हज़ार रियाल का जुर्माना होगा। अगर किसी कंपनी ने सऊदी लोगों के लिए रिजर्व नौकरियों पर गैर मुल्की लोगों को काम पर रखा, तो ऐसी कंपनी को पांच दिन के लिए बंद कर दिया जायेगा।
 
 
सऊदी अरब की लेबर मिनिस्ट्री ने सबसे ज़्यादा जुर्माना वीज़ा को बेचने वालों पर तय किया है।
मिनिस्ट्री के साफ कहा है कि बाहरी लोगों को वीज़ा बेचने पर 50 हज़ार रियाल का जुर्माना किया जाएगा। बगैर लाइसेंस के विदेशी कामगारों को काम पर रखने पर 45 हज़ार रियाल जुर्माना भरना होगा।
 

UAE HINDI
@UAEHINDI

 
जो नौकरियां औरतों के लिए तय की गई हैं उन पर अगर मर्द काम करते मिले तो कफ़ील या कंपनी पर 10 हज़ार रियाल हर व्यक्ति की दर से जुर्माना लिया जाएगा। यही नहीं कंपनी को एक दिन के लिए बंद भी किया जाएगा। मर्द कामगारों के साथ औरतों को काम करने पर मजबूर करने, या फिर पाबंदी के वक्त औरतों को काम के लिए मजबूर करने पर 5 हज़ार से 10 हज़ार रियाल तक जुर्माना तय किया गया है।
 
 
लेबर मिनिस्ट्री ने साफ कहा है कि लाइसेंस हासिल किये बगैर आफिस में भर्ती का अमल शुरू करने या मिनिस्ट्री में अपनी सर्विस रजिस्टर्ड न करने पर 10 हज़ार रियाल का जुर्माना होगा। कंपनी की तरफ से गलत जानकारी देने पर 25 हज़ार रियाल और सरकारी अफसरों की तहकीकात में किसी भी प्रकार का विघ्न डालने पर 10 हज़ार रियाल जुर्माना होगा।
 

 
कानून में साफ कहा गया है कि दोबारा गलती करने पर जुर्माने की रकम दोगुना कर दी जाएगी। इसके साथ ही जुर्माना एक महीने के अंदर अदा करना होगा। जुर्माना वक्त से अदा न करने वालों को कानून का उल्लंघन माना जाएगा। कफ़ील या कंपनियां किसी भी तरह के जुर्माने या कार्रवाई के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील दाखिल कर सकती हैं।

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