रियाद: पासपोर्ट (जवाजत) के सामान्य निदेशालय के मुताबिक, सऊदी में इन दिनिओं दुनियाभर से तीर्थयात्री उमराह करने के मक्का आ रहे है लेकिन अगर इन तीर्थयात्रियों ने कुछ बातों का ख़ास ख्याल नहीं रखा तो उनका अंजाम बहुत बुरा होने वाला है. अगर कोई तीर्थयात्री एंट्री वीजा की समाप्ति के बाद सऊदी में रहते है तो उन्हें देश से निकालने से पहले 50,000 सऊदी रियाल का जुर्माना देना होगा साथ ही छेह महीने की जेल भी होगी. सऊदी गेजेट के मुताबिक, सऊदी पासपोर्ट डिपार्टमेंट ने सभी उमराह तीर्थयात्रियों को अपने यात्रा कार्यक्रमों का पालन करने और अपने एंट्री (प्रवेश) वीजा की समाप्ति से पहले छोड़ने की सलाह दी है.

आपको बता दें कि, जवाजत ने कहा कि उमराह वीजा पर आने वाले लोगों को मक्का, जेद्दाह और मदीना के बाहर यात्रा करने की अनुमति नहीं है. अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, जवाज़त ने नागरिकों और निवासियों को समय-समय पर उमराह वीजा के साथ परिवहन, नियोजन, आश्रय या छिपाने के खिलाफ चेतावनी दी है.

मंगलवार को जारी सांख्यिकी के लिए एक सामान्य प्राधिकरण (GaStat) रिपोर्ट में कहा गया है कि 19,79,306 तीर्थयात्रियों ने 2017 में उमराह अदा किया था. हज और उमराह मंत्रालय के पंजीकृत आंकड़ों का हवाला देते हुए सांख्यिकीय रिपोर्ट में कहा गया है कि 6,532,074 उमराह तीर्थयात्री सऊदी अरब के बाहर से आये थे. 2017 के लिए गास्टैट उमराह के आंकड़े बुलेटिन ने यह भी दिखाया कि रमज़ान के दौरान दुनिया भर से उमराह करने आने वाली लोगों की संख्या में वृद्धि हो जाती है. रमजान के दौरान सऊदी में रहने वाले लोगों की उमराह अदा करने की संख्या में वृद्धि हो जाती है. रमजान में 53.6 % तोर्थयात्री उमराह अदा करते है.
इनपुट:ARABNAMA

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