सुषमा जी के लिए रो पड़िएगा, मरने से पहले कहा "आइए अपनी 1 रुपए फ़ीस ले जाइए"…


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भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज नहीं रहीं। उन्‍हें दिल का दौरा पड़ने के बाद नई दिल्‍ली के एम्‍स में भर्ती कराया गया था, जहां उन्‍होंने अंतिम सांस ली। निधन से कुछ ही घंटों पहले उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्विटर पर जम्‍मू कश्‍मीर में हुए बड़े बदलाव को लेकर बधाई दी थी।
 


 
लेकिन निधन से मात्र एक घंटे पहले उन्‍होंने अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय में कुलभूषण जाधव मामले में भारत की ओर से पैरवी करने वाले दिग्‍गज वकील हरीश से बातचीत की थी। जिसमें उन्‍होंने साल्‍वे से भारत आकर अपनी ‘1 रुपए’ की फीस लेकर जाने को कहा था। साल्वे ने हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय आईसीजे) में जाधव मामले की सुनवाई के दौरान 1 रुपये की फीस लेकर भारत की ओर से वकालत की थी।

सुषमा स्‍वराज के निधन के बाद एक अंग्रेजी चैनल से बातचीत में हरीश साल्‍वे ने इस बात का खुलासा किया। हरीश साल्वे ने कहा कि निधन से करीब एक घंटे पहले करीब रात 8:50 बजे उनसे बात की। यह एक बहुत ही भावनात्मक बातचीत थी। उन्होंने कहा, आओ और मुझसे मिलो। जो केस आपने जीता उसके लिए मुझे आपको आपका एक रुपया देना है। मैंने कहा कि बेशक मुझे वह कीमती फीस लेने के लिए आना है. उन्होंने कहा कि कल 6 बजे आना।’ लेकिन स्‍वराज साल्‍वे की यह 1 रुपए की फीस न अदा कर सकीं और हमेशा के लिए रुकसत हो गईं।

जाधन ने मात्र 1 रुपए में लड़ा केस
पाकिस्‍तान की जेल में बंद और फांसी की सजा पा चुके भारतीय कुलभूषण जावध का अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय में केस हरीश साल्‍वे ने ही लड़ा है, जिसमें भारत को जीत हासिल हुई है। साल्‍वे ने इस केस के लिए 1 रुपए फीस चार्ज की है। बता दें पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पाकिस्तान एक सैन्य अदालत द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाने के बाद भारत ने आईसीजे में मामले को उठाया था। पिछले महीने ही अपने फैसले में आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव की फांसी की सजा पर रोक बरकरार रखने और उन्हें राजनयिक पहुंच देने का निर्देश दिया था। भारत ने पाकिस्तान से आईसीजे के आदेश पर तत्काल कार्रवाई करने और जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देने के लिए कहा था।
 

 
सुषमा ने केस जीतने पर जताई थी खुशी
भारत द्वारा कुलभूषण जाधव मामले में हासिल की गई जीत पर सुषमा स्‍वराज ने ट्वीट किया था। उन्‍होंने लिखा था कि ‘जाधव मामले में मैं जी जान से अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले का स्वागत करती हूं. यह भारत के लिए एक महान जीत है।’ उन्होंने मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में असरदार तरीके से केस लड़ने के लिए वकील हरीश साल्वे को भी धन्यवाद कहा था।


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