सऊदी की यह कंपनी नहीं दे रही लालबहादुर का पासपोर्ट और वीजा, खा रहा है दरबदर की ठोकरें, ऐसे लगाई गुहार


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सऊदी में ऐसे कई भारतीय हैं जो कमाने के लिए वहां जाते हैं लेकिन वहीं उन्हें रोक लिया जाता है और जुल्म किया जाता है. ऐसे में वो वतन वापसी की गुहार लगाते हैं. ऐसा एक और मामला सामने आया है. जिसके तहत यह पता चला है कि लालबहादुर नामक एक शख्स सऊदी अरब के रियाद शहर में फंस गया है. वो पिपराइच थाना क्षेत्र स्थित उस्का गांव का रहने वाला है. उसे भारत में वापस मंगाने के लिए उसके परिवार वालों ने भारतीय दूतावास गुहार लगाई थी, जिसके बाद दूतावास थोड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. प्रशासन भी लाल बहादुर को भारत लौटाने की कोशिश में लग गया है.

‘हिन्दुस्तान’ अख़बार में बुधवार के अंक में छपी खबर ‘सउदी में फंसे पिपराइच के लालबहादुर, देश लाने की गुहार’ पढ़कर मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को खबर मेल कर दी. साथ ही भारत में स्थित सउदी दूतावास तथा सउदी स्थित भारतीय दूतावास में भेजा। ट्वीटर पर तीनों कार्यालयों में जानकारी दी. बतौर राजेश मणि सउदी स्थित भारतीय दूतावास से री-ट्वीट किया गया है… लालबहादुर का मामला संज्ञान में है. उन्हें भारत लौटाने की पहल की जा रही है. यह ट्वीट मिलने के बाद राजेश मणि ने लालबहादुर के परिवारीजनों को सूचना दी है. लालबहादुर की पत्नी और बच्चों ने इस सूचना से राहत महसूस की है.

जाने पुर मामला मामला
पिपराइच के उस्का का गांव निवासी लाल बहादुर यादव 28 मई 2017 को सऊदी अरब गया था. वह मामल दुनिया अलहाला कम्पनी में एक कामगार के तौर पर काम कर रहे थे. लेकिन तीन महीने बाद ही कम्पनी बंद हो गई. जिसे किसी ने खरीद लिया. इसके बाद लालबहादुर दुसरे कम्पनी में काम मांगने गया तो उसे काम नहीं मिला. इतना ही नहीं बंद हो चुकी कम्पनी ने उसका पासपोर्ट और वीजा भी अपने पास रख लिया है. फिलहाल लालबहादुर मजबूर होकर भारतीय दूतावास का चक्कर काट
रहा है, उसे पैसे की कमी के कारण दरबदर की ठोकरें भी खानी पड़ रही है. वो कर्ज के बोझ तलें इस कदर दब गया है कि उसके खाने के भी लाले पड़ गये है. हालांकि वो किसी तरह से मस्जिद में खाना खाकर अपना पेट भर रहा हैं. लालबहादुर ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उसने अपने दर्द को बयां किया है.


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