ये हैं बिहार की वो 'लेडी सिंघम' आईपीएस जिन्होंने बाहुबली अनंत सिंह पर कसी नकेल, 700 अपराधियों को भेज चुकी हैं जेल


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आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह की चर्चा पुरे बिहार में हो रही है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर नकेल कसने वाली लिपि सिंह को ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है। 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह की गिनती बिहार में महिला पुलिसकर्मी शोभा अहोतकर के बाद सबसे सख्त महिला पुलिस अधिकारी के रूप में हो रही है। 700 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी लिपि बाढ़ की एसडीपीओ रहते हुए कई अवैध हथियार सीज कर चुकी हैं।

अपने सख्त स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाली लिपि का कहना है, ‘मुझे किसी भी शख्स के राजनीति से जुड़े होने से कोई लेना देना नहीं है। मैंने सबूतों के आधार पर कार्रवाई की और अनंत इससे बच नहीं सकते थे।’

लिपि सिंह को पहले सिर्फ जेडीयू के वरिष्ठ नेता, सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह की बेटी के रूप में जाना जाता था लेकिन पिछले दिनों उन्होंने विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है, उससे उनकी लेडी सिंघम की पहचान बन गई है। लिपि और एसपी (ग्रामीण) कौंतेश कुमार मिश्रा ने पुलिस टीम की अगुआई करके अनंत सिंह के पटना जिले के बाढ़ सब डिविजन के अंदर आने वाले लदमा गांव स्थित पैतृक आवास में पिछले शुक्रवार को छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने उनके घर से एके 47 सेमी ऑटोमेटिक राइफल, दो हैंड ग्रेनेड और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए थे।

अनंत की पत्नी की शिकायत के बाद हुआ था तबादला
इसी के बाद अनंत सिंह के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान लिपि सिंह का बाढ़ की सब डिविजन पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्हें पद से हटाकर एटीएस में एएसपी बना दिया गया था। लिपि के खिलाफ ऐक्शन अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की शिकायत पर लिया गया था जो मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उतरी थीं।

दोबारा बनी एसडीपीओ, अनंत पर कसा शिकंजा
चुनाव के बाद लिपि दोबारा बाढ़ की एसडीपीओ बनीं। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनंत के खिलाफ मुहिम छेड़ दी। उन्होंने अनंत के साथियों पर सबसे पहले नकेल कसी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, लिपि के पिता आरसीपी सिंह के सीएम नीतीश कुमार के करीबी होने की वजह से ही उन्हें बाढ़ में दोबारा एसडीपीओ पद पर तैनात किया गया था।

बताते चलें कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी अनंत सिंह ने कई दिनों तक फरार रहने के बाद दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर के लिए अर्जी दाखिल की है।


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