ट्रंप का दावा, चीन भेज रहा है इस देश की सीमा पर सेना, बख्तरबंद गाड़ियां की हो रही तैनाती


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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को लेकर एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने ट्वीट कर चीन द्वारा अपने पड़ोसी देश की सीमा पर सेना भेजने की बात कही है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर के जरीये कहा है कि चीन की सरकार हांगकांग के बॉर्डर पर तेजी से सेना बढ़ा रही है. चीन ने कई शहरों के बॉर्डर पर बख्तरबंद गाड़ियां भी तैनात कर दी हैं.

ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘हमारी इंटेलिजेंस ने बताया है कि चीन की सरकार हांगकांग की सीमा की ओर सेना बढ़ा रही है. सभी लोग शांत और सुरक्षित रहें.’
इससे पहले भी ट्रंप ने एक ट्वीट करते हुए कहा था कि हांगकांग में हो रही विरोध प्रदर्शन के लिए उन्हें जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है. ट्रंप ने कहा, ‘हांगकांग में जारी परेशानियों के लिए कई लोग मुझे और अमेरिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. मैं सोच नहीं सकता हूं (ऐसा) क्यों?’

मालूम हो कि हांगकांग प्रत्यर्पण बिल को लेकर लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने हजारों की संख्या में एयरपोर्ट का घेराव किया है. उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चीन की सरकार ने हांगकांग प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा है.

एयरपोर्ट पर हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए पिछले दो दिनों से हवाई सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि, चीन (China) की धमकी के बाद एयरपोर्ट पर विमानों का आवागमन कुछ देर पहले फिर से शुरू किया गया है. हांगकांग की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारत और अमेरिका जैसे देशों ने अपने देश के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है.

दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक हांगकांग एयरपोर्ट पर मंगलवार को पूरी तरह से सन्नाटा रहा. एयरपोर्ट पर एक भी विमान उड़ान नहीं भर सके. एयरपोर्ट के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे थे, जिसको देखते हुए एयरपोर्ट से किसी को भी बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई. इस एयरपोर्ट से करीब 2 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं, लेकिन इस प्रदर्शन की वजह से अभी तक 300 फ्लाइट रद्द करनी पड़ी है.

दरअसल, चीन की सरकार ने एक ऐसा कानून बनाया है जिसके मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हांगकांग आ जाता है को उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेज दिया जाएगा. हांगकांग सरकार इस कानून में संशोधन के लिए फरवरी में इस पर प्रस्ताव लाई थी. कानून में संशोधन का प्रस्ताव एक घटना के बाद लाया गया था, जिसमें एक व्यक्ति ने ताइवान में अपनी प्रमिका की कथित तौर पर हत्या कर दी और हांगकांग भाग आया था.


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