अमरीका में जाकर जब अटल को परोसा गया था बीफ, बोले थे – ‘ये भारतीय गाय नहीं’


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नई दिल्ली – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न नेता अटल बिहारी वाजेपयी ने इस दुनिया को छोड़ दिया है। जिसके बाद से ही देशभर में शोक की लहर है। दुनिया भर से उनके चाहने वाले उन्हे आखिरी विदाई देने पहुंचे। ऐसे में हम उनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य सामने लाये है।
 

 
बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ एक अच्छे कवि होने के साथ दमदार वक्ता भी थे। साथ ही वे उन मुद्दों पर हमेशा बेबाक राय रखते थे। जिन पर दक्षिणपंथी नेता खामोशी साध लेते है। उनसे जुड़ा एक किस्सा लेखक और पत्रकार विजय त्रिवेदी ने किया है।

उन्होने बताया कि जब अमेरिका के दौरे पर एक शाम उनके खाने की मेज पर उनके सामने बीफ परोसा गया। सरकारी भोज के दौरान गोमांस परोसे जाने के बाद बगल में बैठीं बनर्जी ने वाजपेयी जी का ध्यान उस ओर दिलाया तो उन्होंने फौरन कहा- ये गायें इंडिया की नहीं, अमेरिका की हैं।
 
अटल बिहारी वाजपेयी अच्छा खाने-पीने का शौक़ीन थे। वे कभी नहीं छिपाते थे कि वह मछली-मांस चाव से खाते हैं। शाकाहार को लेकर जरा भी हठधर्मी या कट्टरपंथी नहीं थे। साउथ दिल्ली में ग्रेटर कैलाश-2 में उनका प्रिय चीनी रेस्तरां था जहां वह प्रधानमंत्री बनने से पहले अकसर दिख जाते थे।

राने भोपाल में मदीना के मालिक बड़े मियां फ़ख्र से बताते थे कि वह वाजपेयी जी का पसंदीदा मुर्ग़ मुसल्लम पैक करवा कर दिल्ली पहुंचवाया करते थे। मदिरापान को लेकर भी कभी उन्होंने कुछ छिपाया नहीं। अटल जी भांग का सेवन भी करते थे। उनके लिए स्पेशली उज्जैन से भांग आती थी।

वह मिठाई के भी दीवाने हैं। जब भी अटल जी ग्वालियर जाते तो बूंदी के लड्डू खाना नहीं भूलते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह ग्वालियर जाते रहते थे। जहां वह लड्डू, जलेबी, कचौड़ी सबका सेवन करते थे। होली पर भी जब तक वह ठंडई का सेवन न कर लें तब तक उनकी होली पूरी नहीं होती थी।


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