अभ अभी: केंद्र सरकार के लिए खड़ी हो सकती है मुश्किल, कुशवाहा की पार्टी ने आरक्षण को लेकर किया यह बड़ा ऐलान


0

दलितों के कानून में बदलाव के बाद दलित समर्थकों और नेताओं का विरोध झेल रही केंद्र सरकर के लिए एक बार फिर मुश्किल खड़ी हो सकती है. बीजेपी के साथ सरकार में शामिल रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने न्यायपालिका एससी-एसटी, पिछड़ों व गरीब सवर्णों को आरक्षण की मांग की है. इसको लेकर उन्होंने एक अभियान चलाने का ऐलान भी किया है.

उन्होंने शनिवार कहा कि न्यायपालिका में पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीब सवर्णों का प्रतिनिधित्व नहीं है. यह घोर चिंता का विषय है. इसके लिए पार्टी अगले माह से ‘हल्ला बोल, दरवाजा खोल’ अभियान च लाएगी. वाल्मीकिनगर सिंचाई विभाग के गेस्ट हाऊस में मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन वर्गों का प्रतिनिधित्व न्यायपालिका, खासकर उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में नहीं होने से गरीबों और वंचितों का न्याय-व्यवस्था पर से भरोसा उठ रहा है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा, अति पिछड़ा, गरीब सवर्ण, अल्पसंख्यक और वंचितों को न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए रालोसपा पूरे देश में ‘हल्ला बोल, दरवाजा खोल’ अभियान चलाएगी.

उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से होगी. उसके बाद विभिन्न प्रदेशों की राजधानियों में पार्टी सेमिनार एवं विचार गोष्ठियों का आयोजन करेगी तथा बुद्धिजीवियों, चिंतकों, विचारकों और दूसरे प्रबुद्ध लोगों से विमर्श करके इस संदर्भ में भविष्य की रणनीति तय करेगी।एससी-एसटी, पिछड़ा, अति पिछड़ा और गरीब सवर्ण को न्यायपालिका में हक (आरक्षण) दिलाने के लिए रालोसपा कदम पीछे नहीं हटाएगी. आखिर अब तक भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना क्यों नहीं हुई? श्वेत पत्र जारी कर यह बताना चाहिए कि अब तक जितने जज हुए, उनमें गरीब-मजदूर परिवार से आने वाले कितने लोग हैं?

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों में एससी-एसटी, ओबीसी और महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम है. अब समय आ गया है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा गरीबों, पिछड़ों के लिए भी खोलना होगा.


Like it? Share with your friends!

0
admin

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *