कुवैत में श्रमिकों और घरेलू कामगारों को लेकर फिलीपींस के साथ चल रहे बड़े मतभेद के बाद भारत सरकार ने भी कुवैत सरकार के साथ कड़े समझौते और पहल किए हैं आपको बताते चलें कि फिलीपींस में कुवैत में अपने नागरिकों को श्रमिक और कामगार के तौर पर भेजने को ले कर कुवैत को बैन कर दिया है.

इतना ही नहीं फिलीपिंस ने साफ किया है कि जो भी फिलिपीन नागरिक कुवैत में है और उसे किसी भी तरह की कठिनाई महसूस हो रही है वह तुरंत दूतावास से संपर्क करें उसको हर हाल में कुवैत देश से निकाला जाएगा और फिलिपिंस लाया जाएगा.
 
इस मामले पर कुवैत की विश्व पटल पर पुरजोर खिंचाई होने के बाद भारत सरकार की ओर से भी कुवैत के साथ होने वाले समझौते पर पूरी दुनिया की नजर थी,  और आज कुछ हुआ भी वैसा ही.
 
क्या है समझौते के मुख्य तथ्य ?

  • कुवैत हर हाल में भारतीय प्रवासियों को उनके कार्य के साथ सम्मान की भी पूरी रक्षा करेगा.
  • कुवैत अब दैनिक कामगारों के लिए भारत पर पूरी तरीके से निर्भर होगा.
  •  कुवैत सरकार भारतीय प्रवासियों को $10000 की बीमा भी प्रदान करेगा जो किसी भी आपात स्थिति में हुए मृत्यु या दिव्यांग होने पर उसको या उसके परिवार को दिया जाएगा.

  • कुवैत सरकार क्या तय करेगी कि जो कुवैत में न्यूनतम वेतनमान है उससे कम किसी भी भारतीय प्रवासियों को किसी भी कंपनियां या कुवैत के नागरिकों के द्वारा नहीं दी जाएगी,  इसके साथ ही अगर ऐसी स्थिति बनती हैं तो भारतीय दूतावास से भारतीय प्रवासी संपर्क कर सकते हैं और इस मामले का निपटारा 24 से 48 घंटों के अंदर में कुवैत सरकार को करना होगा.

 

  • विश्व श्रम कानून और फेडरल लेबर लॉ को हर तरीके से पालन करना पड़ेगा जिसमें यह स्पष्ट है कि किसी भी कामगार से उसके मन के बावजूद कार्य नहीं करा सकते हैं और साथ ही अपने कामगार के साथ किसी भी कीमत पर बुरे तालुकात नहीं कर सकते हैं.

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