पाकिस्तानी लोगों का visa हुआ बैन, बंद किए गए VISA काउंटर, इस्लामाबाद में सोमवार से ही बंद हुआ काउंटर


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आपको बता दे कि इस बात का खुलासा अब तक नहीं हो पाया हुसैन की पत्नी और बेटे ने भी पाकिस्तान उच्चायोग में वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया। हुसैन ने पाकिस्तानी राजधानी से ढाका ट्रिब्यून को बताया, “पाकिस्तानी नागरिकों के लिए किसी भी वीजा को जारी करना बांग्लादेश इस्लामाबाद में वीजा काउंटर पिछले सोमवार 13 मई से बंद है। वही एक सूत्र से जानकारी मिली , इस्लामाबाद में एक राजनयिक का हवाला देते हुए कहा कि पिछले नवंबर से वीजा अधिकारी का पद खाली था और हुसैन भी अपने वर्तमान प्रभार के अलावा इस खंड की देखभाल कर रहे थे।
 
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा जारी करने पर रोक लगा दिया है और साथ ही साथ अपने राजनयिक के वीजा-विस्तार के आवेदन को लम्बे समय तक जारी रखने के बाद ढाका में एक नए उच्चायुक्त की नियुक्ति के लिए इस्लामाबाद से ‘समझौते’ को भी मंज़ूरी नहीं दिया। बतया जा रहा है कि पाकिस्तानी नागरिकों के लिए किसी भी वीजा को जारी करना बांग्लादेश इस्लामाबाद में वीजा काउंटर पिछले सोमवार 13 मई से बंद है।
 

 
सूत्रों और सुरक्षा रिपोर्ट के हवाले मिली जानकारी से पता चला कि इस्लामाबाद में बांग्लादेश उच्चायोग ने पिछले एक हफ्ते से पाकिस्तानियों को वीजा जारी करना बंद कर दिया है क्योंकि विरोध के निशान के रूप में बांग्लादेशी राजनयिक के वीजा-विस्तार के आवेदन को पाकिस्तान सरकार ने पिछले चार महीनों से मंजूरी नहीं दी है।
 
इस्लामाबाद में बांग्लादेश उच्चायोग के काउंसलर (प्रेस) मुहम्मद इकबाल हुसैन ने जनवरी में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को वीजा-विस्तार का आवेदन सौंपा था, जिसे बाद में उसके आंतरिक मंत्रालय को भेज दिया गया था।
 
 
 
आपको बता दे कि इस बात का खुलासा अब तक नहीं हो पाया हुसैन की पत्नी और बेटे ने भी पाकिस्तान उच्चायोग में वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया। हुसैन ने पाकिस्तानी राजधानी से ढाका ट्रिब्यून को बताया, “पाकिस्तानी नागरिकों के लिए किसी भी वीजा को जारी करना बांग्लादेश इस्लामाबाद में वीजा काउंटर पिछले सोमवार 13 मई से बंद है। वही एक सूत्र से जानकारी मिली , इस्लामाबाद में एक राजनयिक का हवाला देते हुए कहा कि पिछले नवंबर से वीजा अधिकारी का पद खाली था और हुसैन भी अपने वर्तमान प्रभार के अलावा इस खंड की देखभाल कर रहे थे।


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