दिल्ली के इन तीन बड़े अस्पतालों में होगा एंटीजन टेस्ट, जानिए आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट में अंतर


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पूरी खबर एक नजर

  • दिल्ली के सफदरजंग, लेडी हार्डिंग और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में किया जाएगा एंटीजन टेस्ट
  • आरएमएल अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच के लिए आने वाले लोगों की संख्या घटती जा रही है।
  • एंटीजन जांच और आरटीपीसीआर जांच में अंतर।

राजधानी दिल्ली के लेडी हार्डिंग, राम मनोहर लोहिया और सफदरजंग अस्पताल में कोई भी एंटीजन टेस्ट करवा सकेगा। इस जांच के लिए किसी डोक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं होगी। एंटीजन जांच के लिए नया केंद्र दिल्ली सरकार द्वार तैयार करवाया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली के सरकारी अस्पताल लेडी हार्डिंग और सफदरजंग में भी मरीजों और उनके तीमानदारों की एंटीजन जांच होगी।

राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन के डॉकेटर मनीष प्रभाकर का कहना है कि दिल्ली में रैपिड एंटीजन जांच की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इसकी आरटीपीसीआर जांच लगभग आधी ही बची है। आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में करीब तीन से चार दिन लग जाते हैं वहीं एंटीजन किट से आधे घंटे में ही जांच की रिपोर्ट मिल जाती है। ज्यादातर लोग एंटीजन टेस्च को महत्व दे रहे हैं।

राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना वायरस की आरटीपीसी जांच कराने के लिए लोगों की संख्या तीन गुना तक घट गई है। एक डॉक्टर ने यह जानकारी दी कि दो सप्ताह पहले 800 से 900 लोग रोजाना आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने आया करते थे लेकिन अब इसकी संख्या काफी कम हो गई है। अब केवल 250 से 300 लोग ही जांच के लिए आया करते हैं।

एंटीजन जांच और आरटीपीसीआर जांच में अंतर  

  • सफदरजंग अस्पताल में मेडिकल विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर ने एंटीजन टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट में अंतर बताते हुए कहा कि, आरटीपीसीआर टेस्ट में नाक और मुंह दोनो से सैंपल लिया जाता है, जबकि एंटीजन टेस्ट में सिर्फ नाक से ही सैंपल लिया जाता है।
  • आरटीपीसीआर जांच में वायरस के आरएनए या डीएनए का पता लगाया जाता है। कोरोना एक आरएनए वायरस है तो इसकी जांच में आरएनए का पता लगाते हैं।
  • एंटीजन टेस्ट में वायरस के एंटीजन का पता लगाया जाता है। ये एसे बाहरी तत्व होते हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करते । एंटीजन जांच में अगर वायरस का एंटीजन या प्रोटीन नहीं मिलता है तो उसका दो मतलब होता है या तो व्यक्ति में वायरस नहीं है या फिर उसके एंटीजन अभी कम है जो जांच में पाए नहीं गए।

 

 


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