Friday, September 24

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सब हुआ पुराना, असली नोट पहचान लेने का ये नया formula जान लीजिए, सारे नए नोट में आएगा काम
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सब हुआ पुराना, असली नोट पहचान लेने का ये नया formula जान लीजिए, सारे नए नोट में आएगा काम

नोटबंदी के बाद से बाजार में नकली नोटों का कारोबार तेजी से बढ़ गया है। बीते महीनों पहले ही नोट की सिक्योरिटी को लेकर RBI ने सतर्क किया था। समय-समय पर वह करेंसी नोट की सिक्योरिटी को और भी बढ़ाती रहती है। फिर भी अक्सर नकली नोटों की खबरें सुनने को मिलती रहती है। ऐसे में क्या आपको भी डर लगता है कि कहीं आपके जेब में पड़ा नोट नकली तो नहीं। तो ये खबर आपके लिए ही है। RBI ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 2020-21 में 5.45 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली नोट पकड़े गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 2,08,625 नकली नोट पकड़े गए हैं। इनमें सबसे अधिक 100 रुपये के नोट हैं। कुल 11073600 रुपये मूल्‍य के 100 के नोट पकड़े गए हैं। 100 रुपये के नोट हमारे दैनिक लेन-देन का हिस्सा हैं। अगर आपको 100 रुपये के असली और नकली नोट की पहचान करनी है, तो इसके लिए आसान तरीका बता रहे हैं। ...
12 परिवार एक साथ आकर इस मुहल्ले मे बस गए थे ,इस लिए इसे बरहपुरा के नाम से जाना जाने लगा
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12 परिवार एक साथ आकर इस मुहल्ले मे बस गए थे ,इस लिए इसे बरहपुरा के नाम से जाना जाने लगा

स्मार्ट सिटी भागलपुर गलियों और मोहल्लों की कमी नहीं है वैसे तो यह गलियां और मोहल्ले कई वर्षों पुराने भागलपुर के पूर्वजों की देन है जो आज भी भागलपुर में वह नगर वह मोहल्ले जीवित है आइए जानते हैं आदमपुर मुंदी चौक सराय चौक ततारपुर मुजाहिद पुर नरगा कोठी तथा अन्य मोहल्लों का नाम कैसे पड़ा भागलपुर नगर के कुछ मुहल्लों के नाम की हकीकत – मोजाहिदपुर – इसका नाम 1576 ई बादशाह अकबर के एक मुलाज़िम मोजाहिद के नाम पर नामित हुआ था सिकंदर पुर – बंगाल के सुल्तान सिकंदर के नाम पर यह मुहल्ला बसा । ततारपुर – अकबर काल मे एक कर्मचारी तातार खान के नाम पर इस मुहल्ले का नाम रखा गया । काजवली चक – यह मुहल्ला शाहजहाँ काल के मशहूर काज़ी काजी काजवली के नाम पर पड़ा । उनकी मज़ार भी इसी मुहल्ले मे है । नरगा – इसका पुराना नाम नौगजा था यानी एक बड़ी कब्र कहते हैं कि खिलजी काल मे हुये युद्ध के शहीदो को एक ही बड़े कब्र मे...
दिल्ली आने जाने के लिए 8 नयी ट्रेन चालू. बिहार के इन ज़िलों से चलेगी ये ट्रेने, सबकी बुकिंग सोमवार से चालू
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दिल्ली आने जाने के लिए 8 नयी ट्रेन चालू. बिहार के इन ज़िलों से चलेगी ये ट्रेने, सबकी बुकिंग सोमवार से चालू

दिल्ली में जितना दिल्ली के लोग रहते हैं उससे ज्यादा बाहरी प्रवासी भी रहते हैं जो बिना काम के लहजे से दिल्ली में दाखिल होते हैं. त्योहारों का मौसम आते ही इन पर वासियों को अपने घर जाने के लिए जल्दी होती हैं और कई बार यातायात परिवहन पर ओवरलोड हो जाता है. भारतीय रेलवे ने त्योहार के मौसम को देखते हुए किसी को भी किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए कई विशेष ट्रेन अगले सप्ताह से चलाने की तैयारी कर ली गई है. छठ दिवाली इत्यादि को देखते हुए बिहार जाने के लिए कई ट्रेन इस प्रकार घोषित की गई हैं. गया नई दिल्ली एक्सप्रेस दानापुर आनंद विहार एक्सप्रेस दरभंगा जालंधर सिटी एक्सप्रेस सहरसा अमृतसर एक्सप्रेस दरभंगा अमृतसर एक्सप्रेस सहरसा आनंद विहार एक्सप्रेस पटना जम्मू तवी एक्सप्रेस और पाटलिपुत्र चंडीगढ़ एक्सप्रेस     यह सारे ट्रेन त्योहारी सीजन में लोड घटाने का काम करेंगे और लोगों को अ...
IAS की नौकरी छोड़ दिया, शुरू किया बिजनेस और आज हैं 14 हज़ार करोड़ के मलिक.
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IAS की नौकरी छोड़ दिया, शुरू किया बिजनेस और आज हैं 14 हज़ार करोड़ के मलिक.

आईएएस बनने के लिए लाखों युवा अपना पूरा जीवन समर्पित कर देते हैं कुछ को सफलता प्राप्त होती है तो वहीं कुछ असफल हो जाते है। जिस आईएएस पद के लिए युवा अपना पूरा जीवन समर्पित कर देते हैं, उस नौकरी को पाकर एक युवा उसे ठुकरा देता है। और अपने खुद के दम पर एक कंपनी खड़ा कर बन जाता है ,14 हजार करोड़ की कंपनी का मालिक। हम बात कर रहे हैं, देश के सबसे युवा आईएसओ में से एक रोमन सैनी के बारे में। आइए उनकी कहानी से रूबरू होते हैं। रोमन सैनी शुरू से ही मेधावी छात्र थे। उनकी सफलता का एक उदाहरण यह है कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में एम्स में परीक्षा पास कर, दाखिला पा लिया था। ऐसा करने वाले देश के पहले युवा हैं, जिस उम्र में बच्चे खेलते हैं। उस उम्र में सैनी ने रिसर्च पेपर लिख दिया था। MBBS की पढ़ाई खत्म करने के बाद सैनी को नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर मैं नौकरी मिला था, लेकिन 6 महीना काम करने...
बिहार और दिल्ली का सफ़र महज़ 7 घंटे का, 1 सितम्बर से शुरू हो रही हैं नई ट्रेन, स्पीड होगी 160 KM प्रति घंटे की
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बिहार और दिल्ली का सफ़र महज़ 7 घंटे का, 1 सितम्बर से शुरू हो रही हैं नई ट्रेन, स्पीड होगी 160 KM प्रति घंटे की

7 घंटो में सफ़र. अब बिहार की राजधानी पटना से देश की राजधानी जाना होगा और भी आसान । बता दें की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस की शुरआत बहुत जल्दी पटना से नई दिल्ली के बीच शुरू होने जा रही है। खबरों की माने तो 1 सितंबर से इसकी शुरुआत होने की संभावना है। इस ट्रेन को पटना नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के टाइम पर ही चला जाएगा। इन सभी बातों के साथ आपको ये भी बताते चले की पहली तेजस मुंबई व गोवा के बीच मई 2017 दौड़ाई गई थी ।   इसकी रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा है पर ट्रैक की स्तिथि को देखते हुए इसे अभी 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ही चलाया जायेगा । जब 160 की स्पीड से ट्रैक को चालू कर दिया जाएगा तब यह दिल्ली पटना मात्र 7 घंटे का सफ़र रह जाएगा.     इस ट्रेन की सुविधा किसी मेट्रो से कम नहीं !     बात करे आम ट्रेनों की तो उनके सामने तेजस एक्सप्रैस का कोई जोर...
जब नहीं था साबुन और सर्फ तब कैसे की जाती थी कपड़ों की सफाई, क्या लगाकर नहाते थे लोग?
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जब नहीं था साबुन और सर्फ तब कैसे की जाती थी कपड़ों की सफाई, क्या लगाकर नहाते थे लोग?

आज के समय में हमारे बीच सर्फ और साबुन के कई प्रकार और ब्रांड मौजूद है। जिसका इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जाता है। लोग अपने शरीर और कपड़े दोनों को साफ करने के लिए सर्फ और साबुन का इस्तेमाल करते हैं। अब तो आयुर्वेदिक साबुन और सर्फ भी मार्केट में मिलने लगे हैं। इसकी बिक्री भी बड़े पैमाने पर होती है। लोग अपने पसंद और आर्थिक स्थिति को देखते हुए इनकी खरीदारी करते हैं और इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको यह पता है कि पुराने जमाने में जब सर्फ और साबुन नहीं हुआ करता था तो लोग अपने कपड़ों की सफाई कैसे किया करते थे? शायद यह बात हम और आप में से बहुत कम ही लोगों को मालूम होगी? चलिए इसके बारे में इसके विस्तार से जानते हैं। आपको बता देना चाहता हूं कि भारत में पहला साबुन अंग्रेज लेकर आये थे। अंग्रेजों द्वारा पहला आधुनिक साबुन 1890 के दशक में भारत लाया गया। उसके बाद यहां साबुन की फैक्ट्री खोली गई। लो...
आकाशीय बिजली से बचने के लिए करें ये उपाय, बची रहेगी जान और नहीं होगा नुकसान
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आकाशीय बिजली से बचने के लिए करें ये उपाय, बची रहेगी जान और नहीं होगा नुकसान

बरसात के दिनों में जलजमाव जहां एक बड़ी परेशानी होती है तो वहीं इससे भी एक बड़ी परेशानी या आकाशीय बिजलियां गिरने की है। जिसके कारण लोगों की जान चली जाती है। बिहार में इस बार भी मानसून के आने के साथ ही वज्रपात के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। अभी कल ही बिहार के बांका जिले में धान के खेतों में काम कर रहे करीब 5 लोग आकाशीय बिजली के कारण अपनी जान गवा बैठे। ऐसे में हमें बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(NDMA) के अनुसार हर वर्ष वज्रपात या आकाशीय बिजली के वजह से औसतन 2500 लोगों की मृत्यु हो जाती है। बरसात के दिनों में आए दिन आपको इस तरह की घटनाओं के बारे में जानकारी मिलती रहती है। कुछ लोग तो भगवान के चमत्कार या डॉक्टरों को सहयोग से बच जाते हैं पर कई लोगों की मृत्यु आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हो जाती है। मानसून के दौरान यह कोई नहीं बता सकता है कि ...
किस का दूध गुलाबी होता हैं और सिगरेट को हिंदी में क्या कहते हैं ? IAS Interview में पूछ लिया लड़की से सवाल, जवाब जानिए
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किस का दूध गुलाबी होता हैं और सिगरेट को हिंदी में क्या कहते हैं ? IAS Interview में पूछ लिया लड़की से सवाल, जवाब जानिए

आईएएस और आईपीएस बनने के लिए होने वाली यूपीएससी की परीक्षा इतनी कठिन होती है कि इसमें बहुत ही कम छात्र सफल हो पाते हैं. तीन चरणों में होने वाली इस परीक्षा के पहले दो चरण लिखित और अंतिम चरण इंटरव्यू होता है. इस परीक्षा में इतने घुमावदार सवाल पूछे जाते हैं कि आपका सिर ही चकरा जाए. हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ सवालों के बारे में जो प्रतियोगी परीक्षा के दौरान पूछे जाते हैं.   सवालः किस जानवर का दूध गुलाबी रंग का होता है? जवाबः हिप्पो सवालः प्रथ्वी का सबसे भीतर वाला भाग क्रोड किसका बना होता है? जवाबः लोहा और निकिल सवालः कौन सा पठार एशिया की छत कहलाता है? जवाबः पामीर का पठार सवालः कोई आदमी आठ दिन बिना सोए कैसे रह सकता है? जवाबः क्योंकि वो रात में सोता है.   सवाल : वो कौन सी चीज है जो लड़कों का लंबा और लड़कियों का गोल होता है? जवाब : माथे पर लगाया जाने व...
सड़क किनारे लगे नीले-पीले रंग के पत्थर का मतलब क्या आप जानते हैं?
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सड़क किनारे लगे नीले-पीले रंग के पत्थर का मतलब क्या आप जानते हैं?

जब हम लंबी दूरी की यात्रा पर निकलते हैं तो सड़क किनारे कुछ पत्थर दिखाई जरुर देते हैं. इन पत्थर पर दूरी लिखी होती है. इनका अलग-अलग रंग भी होता है. कोई हरा होता है, कोई पीला होता है या फिर कोई काला या नारंगी भी होता है. इन पत्थरों को माइलस्टोन कहते हैं, लेकिन आप क्या इनके रंगों के बारे में जानते हैं. दरअसल, इन रंगों का ख़ास मतलब होता है. अगर आपको किसी सड़क किनारे पर पीले रंग का माइलस्टोन दिखाई दे तो समझ जाइए अप नेशनल हाइवे पर सफ़र कर रहे हैं. अभी देश में करीब 1.01 लाख किलोमीटर तक नेशनल हाइवे का जाल फैला है. देश में इन सड़कों की जिम्मेदारी नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया पर है. अगर आपको हरे रंग का माइलस्टोन दिखे तो समझिए वह सड़क स्टेट हाइवे है. जिसका निर्माण राज्य सरकारें कराती हैं. इसके आगे SH लिखा भी दिखाई देता है. सफ़ेद या काले रंग के माइलस्टोन भी दिखते हैं. यह डिस्ट्रिक्ट की सडकों के ...
भारत सरकार फिर भेने जा रही हैं account में पैसे, अपनी योग्यता जाँच सकते हैं ऐसे, बिना किसी परेशानी के
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भारत सरकार फिर भेने जा रही हैं account में पैसे, अपनी योग्यता जाँच सकते हैं ऐसे, बिना किसी परेशानी के

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण जिंदगी का दुश्मन बना हुआ है, जिसके चलते अब तक करीब 4 लाख से ज्यादा लोग मौत के गाल में समा चुके हैं। संक्रमण से जान के साथ-साथ कारोबार को भी भारी नुकसान भुगतना पड़ा है। दूसरी ओर मोदी सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों को लेकर किसानों का अनिश्चित कालीन आंदोलन जारी है। इस बीच केंद्र सरकार किसानों पर एक बार फिर से मेहरबान होने जा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि की 9वीं किस्त अगले महीने(अगस्त) खाते में आ सकती है। सरकार ने अभी इसका आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है। मोदी सरकार किसानों के बैंक खाते में 2000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करती है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 8 किस्त सरकार ट्रांसफर कर चुकी है। इस योजना का मकसद खेती करने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देना है, जिससे बीज-खाद्य खरीदने में दिक्कत पैदा ना हो। ...