Wednesday, December 1

बिहार के होमियोपैथिक डॉक्टर ने बनाया 200 से ज़्यादा पेटेंट दवा, श्रीसंत करने जा रहे हैं इंदौर में OPENING

बिहार के कई सपूतों ने पूरे भारत भर में कई सफल उद्योग स्थापित किए हैं तो वहीं कई सफल कंपनियां चलाकर बड़ी संख्या में रोजगार भी यही के युवकों ने पैदा किया है. यूपीएससी की परीक्षा में पहला रैंक भी 2021 में बिहार के ही युवा ने लेकर आया है जिसके बाद बिहार की छवि पहले से ही मजबूत प्रशासनिक सेवाओं में और प्रगाढ़ हो गया है.

 

बिहार के मुंगेर और भागलपुर जिले के लगभग बॉर्डर पर पड़ने वाले एक छोटे से गंगा किनारे के गांव कल्याणपुर के एक होम्योपैथिक डॉक्टर श्री दिनेश दुबे के प्रैक्टिस को आज से 30 साल पहले लोगों ने आजमाना शुरू किया और उनके सफल पद्धति के वजह से देखते ही देखते लाखों परिवार जुड़ गए और इलाज के लिए उनके पास भारत के कई राज्यों से लोग आने लगे.

डॉ श्री दिनेश दुबे के बेटे नितीश दुबे ने अपने बचपन से ही अपने पिता के पद्धति को देख उसमें रमते चले गए. हालांकि बहुत कम लोगों को पता है कि बारहवीं की परीक्षा के बाद उन्होंने एआई ट्रिपल ई की परीक्षा दी और उसके बाद उनका नामांकन एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हो गया. रुचि पहले से ही होम्योपैथी में आ चुकी थी अतः पहले साल ही डॉ नितीश दुबे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी.

 

अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ने के तुरंत बाद उन्होंने होम्योपैथी प्रतियोगी परीक्षा देकर होम्योपैथी कॉलेज में नामांकन ले लिया. और पढ़ाई के साथ-साथ पिता को भरपूर सहयोग करने के साथ ही अंतिम वर्ष में वह अपना खुद का क्लीनिक भी चलाने लगे. पिता के साथ सदैव हुए हाथ बताते बताते हैं एक बड़ा और डॉक्टर नीतिश दुबे को पहले से ही प्रैक्टिकल जगत का हो चुका था.

 

सामाजिक जीवन में खूब घुलने मिलने का करतब नितीश दुबे में पहले से ही था और इसका सबसे अनूठा उदाहरण यह रहा कि अपना भागलपुर में पहला क्लीनिक खोलने के साथ ही उसके ओपनिंग महज 23 साल की उम्र में अभी के स्वास्थ्य मंत्री श्री अश्विनी चौबे जी से उस वक्त करवा लिया था.

 

कोरोना का प्रकोप जब बना तो डॉक्टर नीतिश दुबे ने इससे संबंधित होम्योपैथिक दवाइयों को बेचने के बजाय मुक्त कर दिया और लाखों परिवार तक अपने नेटवर्क के जरिए पहुंचाया.

 

महज 28 साल की उम्र में उन्होंने एक होम्योपैथिक रिसर्च कंपनी खोला और अब उस कंपनी के भीतर लगभग 200 से ज्यादा पेटेंट होम्योपैथिक दवाइयां हो चुकी हैं. अब इस होम्योपैथिक कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग के दवाइयां लगभग भारत भर में उपलब्ध हो रही हैं.

बिहार, बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश इत्यादि के साथ-साथ अब मध्यप्रदेश में भी स्थापित कंपनी Dr. BURNETT होम्योपैथी अपना आउटलेट इंदौर में खोल रही है और इसका शिलान्यास भारत के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे और भारत के जाने-माने क्रिकेटर श्रीसंत कर रहे हैं.

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