स्वच्छाग्रहियों के इस दर्द पर किसी ने नहीं दिया ध्यान, पीएम से सभी लगाते रहे ऐसे गुहार, तेजस्वी ने भी उठाया यह सवाल!

1 min


0

चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह में दुर् दूर से आये स्वच्छाग्रहियों के लिए सिर्फ तारीफों के पुल ही बांधे गये. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई मंत्री औ सांसद मंच पर मौजूद थे, लेकिन स्वच्छाग्रहियों मांग पर और परेशानियों पर किसी का ध्यान नहीं गया.

प्रधानमंत्री बुधवार को इस मौके पर जुटे 20 हजार स्वच्छाग्रहियों की तुलना 100 साल पहले रहे गांधी जी के समर्थकों से की और कहा कि मैं इतिहास को दोहराते हुए देख रहा हूं. 100 साल पहले जैसे देश भर से लोग चंपारण में जुटे थे और गांधी जी के नेतृत्व में काम किया था, आज वैसा ही सीन है. यहां देश भर से स्वच्छाग्रही जुटे हैं और गांधी जी के सपने को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

पीएम ने अपने भाषण में स्वच्छाग्रहियों की तारीफ तो खूब की पर उनकी परेशानियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा. बता दें कि इस कार्यकर्म में आगे आकर स्वच्छाग्रहियों ने बकाया वेतन की मांग की. जिस पर कुछ नहीं कहा गया. वेतन न मिलने के वजह से उनका घर चलाना मुश्किल हो गया है. शायद यही वजह रही होगी तभी तो पीएम मंच से पीएम भाषण दे रहे थे, लेकिन सामने काफी संख्या में स्वच्छाग्रही अपने बकाया वेतन की मांग कर रहे थे. वे अपने हाथ में एक छोटा पोस्टर लिए हुए थे, जिसपर लिखा था ‘प्रधानमंत्री जी हम स्वच्छाग्रहियों पर भी विचार किया जाए कि हमारे परिवार का भी भरण पोषण हो सके.’

बताते चले कि इस मामले स्वच्छाग्रहियों की मांग को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने यादव ने भी एक ट्विट किया है, ज्सिमें उन्होंने लिखा है, “नौकरी की माँग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी जी का आज बिहार में विरोध करते हुए युवा. लेकिन प्रधानमंत्री जी भाषण देने में व्यस्त रहे. नीतीश जी गर्दन झुकाए बैठे रहे. गोदी मीडिया ने दिखाया नहीं.”


उन्होंने अपने अगले ट्विट में यह लिखा है, “नौकरियों की माँग करते हुए तथाकथित स्वच्छाग्राही नारेबाज़ी करते व बैनर दिखाते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी का भाषण बीच में ही छोड़कर सभास्थल से जाते हुए. गोदी मीडिया यह नहीं दिखाएगा.”



इस दौरान बिहार के नालंदा जिले के रहुल ब्लॉक के एक स्वच्छाग्रही ने कहा कि हमारी भर्ती ब्लॉक स्तर पर डीएम द्वार की गई थी. हमारा काम लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता फैलाना है. हमें 200 रुपए रोज के हिसाब से वेतन मिलता था. अक्टूबर से दिसंबर तक पैसा मिला, लेकिन जनवरी से अभी तक पैसा नहीं मिला है. जिस किसी ने पैसे की मांग की उसका कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया गया.


Like it? Share with your friends!

0
admin

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *