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रमजान के पाक महीने में हर कोई उमराह अदा करने की खवाइश रखता है फिर चाहे वो गरीब हो या अमीर. रमजान के बरकती महीने में हर कोई इबादत में मशगूल रहता है. यही ख़याल सऊदी में रहने वाले उन एशियाई प्रवासियों के ज़हन में भी आया जो पुरे दिन काम करते है और महनत करते है, लेकिन शायाद वह यह नहीं जानते थे की यह रमजान उनका आखरी रमजान साबित होने वाला है.
 

 
ऐसे कर्मचारी अक्सर राजमार्गों पर दुर्घटनाओं के पीड़ितों में से होते हैं जो मक्का और मदीना के पवित्र शहरों की ओर अग्रसर होते हैं, सऊदी के शहरों में रोड एक्सीडेंट आम घटना मानी जाने लगी है. दरअसल यह सभी प्रवासी कर्मचारी उमराह अदा करके अपने घर के मक्का से मदीना की तरफ बस से रवाना हो रहे थे लेकिन शाम का वक़्त था उस वक़्त सऊदी की सड़क पर भौत्र ज्यादा भीड़ थी लोग इफ्तार करने के लिए अपने घर जारे थे तभी अचानक यह हादसा हो गया.
 
 
सऊदी गेजेट के मुताबिक, रमजान के दूसरे दिन, उमराह अदा करने के बाद 10 एशियाई कृषि श्रमिकों ने अपनी जान गंवा दी. साथ ही उनके कुछ सहयोगी जो गंभीर रूप से घायल हुए है. जो अभी भी अस्पताल में ज़िन्दगी और मौत की जंग लड़ रहे है.

 
आपको बता दें कि, यह प्रवासी कर्मचारी नेपाल, भारत और बांग्लादेश के थे. यह मदीना में एक खजूर के खेत में काम करते है. रमजान के पहले दिन उमराह करने के बाद वे बस में मदीना वापस अपने घर जा रहे थे. तभी मदीने के रास्ते में मदीना के पास बस ने जगह पर नौ लोगों की मौत हो गई और 1 9 अबस का एक्सीडेंट हो गया और बूस पलट गयी. जिसमें 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया.
 
 
जिन प्रवासियों की मौत हो चुकी है उनके कानूनी कार्यवाही के बाद उनके देश भेज दिया जाएगा. जबकि घायलों का ईलाज जेद्दाह के अस्पतालों में ही किया जाएगा.
 
 
आपको बता दें कि, उसकी दिन एक और मामले सामने आया. उमराह के बाद मक्का से लौटने के दौरान रियाद के पास एक घातक दुर्घटना में एक पिता और बेटे की मौत हो गई थी. वह कैफेटेरिया में काम करते थे, उनकी भारतीय नागरिकों के रूप में पहचान की गयी


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