Tuesday, October 19

सऊदी में घमासान, मानवअधिकार ने शुरू किया क़वायद, ड्राइविंग पे बवाल

मानवाधिकार समूहों ने महिलाओं पर ड्राइविंग प्रतिबंध उठाने की उम्मीद से कुछ सप्ताह पहले ही महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाली कार्यकर्ताओं को शुक्रवार को हिरासत में रखने के लिए सऊदी अरब से जल्द से जल्द महिलाओं को रिहा करने की मांग की है.
 
अल जज़ीरा के मुताबिक, कई महिलाओं के अधिकार के अआवाज़ उठाने वाली कार्यकर्ता जिन्होंने सऊदी महिलाओं के लिए अधिक अधिकारों की वकालत करने के जुर्म में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा.सऊदी सरकार ने के निर्णय के मुताबिक, रमजान के फ़ौरन बाद सऊदी महिलाओं को ड्राइविंग करने देने से पहले ही सऊदी महिलाओं की गिरफ्तारी पर मानवाधिकारों  ने नाराज़गी ज़ाहिर की है उनका कहना है की एक तरफ सऊदी सरकार महिलाओं को हक दिलाने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ महिला को उनके अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने के लिए ही गिरफ्तार किया जा रहा है.

क्यों हुई सऊदी महिलाओं की गिरफ़्तारी.

 
ह्यूमन राइट्स वॉच में महिलाओं के अधिकार शोधकर्ता रोतना बेगम ने कहा कि गिरफ्तारी प्रभावी रूप से 24 जून के लिए निर्धारित ड्राइविंग प्रतिबंध को उठाने से संबंधित हैं. “हम जानते हैं कि सितंबर 2017 में, अधिकारियों ने महिलाओं के अधिकार कार्यकर्ताओं को बुलाया, जिनमें हाल ही में गिरफ्तार किया गया है, उन्हें मीडिया से बात ना  करने के लिए कहा और फिर कुछ घंटे बाद दुनिया को घोषणा की कि वे ड्राइविंग पर लगे प्रतिबंध हटा रहे हैं.”
 
 
सऊदी सरकार ने शनिवार को अधिकार समूहों द्वारा पहचाने गए सात लोगों की गिरफ्तारी की घोषणा की थी जिसमे ज्यादातर महिलाएं थी जिन्होंने लम्बे समय से देश में महिलाओं के अधिकारों के लिए और देश में पुरुष प्रणाली को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया था.

अल जजीरा की खबरों के अनुसार मंगलवार को, ह्यूमन राईट ने बताया की गिरफ्तार लोगों की संख्या कम से कम सात महिलाओं सहित 10 हो गई .अभियान के एमनेस्टी इंटरनेशनल के मध्य पूर्व निदेशक समह हदीद ने कहा की “अंतरराष्ट्रीय कार्यवाही के बावजूद और इन कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए बोलने के बावजूद, वे अभी भी अपने शांतिपूर्ण मानवाधिकार कार्यों के लिए हिरासत में हैं.”

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