सऊदी में अब इन प्रवासियों को भी निकाला नौकरियों से, अब लौट रहे स्वदेश

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सऊदी सरकार की विज़न 2030 पहले के तहत अब सऊदी से कई मिलियन प्रवासियों को नौकरी से निकाला गया है. इन प्रवासियों की श्रेंणी में कई देशों के प्रवासी शामिल है. इन दिनों सऊदी में बड़ी तादाद में मिस्री प्रवासियों को देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है. ना सऊदी में उनके पास नौकरी है और ना ही इतने पैसे जिससे वह जिस घर में रह रहे है उसका किराया दे सकें. अब मजबूरन सऊदी छोड़कर स्वदेश जाने के अलावा इन प्रवासियों के पास कोई और चारा नहीं रहा.
 
सऊदी गेजेट के मुताबिक, मिस्र प्रवासियों का समुदाय सऊदी अरब में सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है. सऊदी अरब में कई सालों तक रहने वाले लोग मानते हैं कि उनके लिए सऊदी छोड़ना सबसे कठिन निर्णय है क्योंकि वह सऊदी को अपने दुसरे घर जैसा ही समझते है.

जानिये प्रवासियों की सऊदी को लेकर क्या है राय 

अहमद अब्दुल्लातिफ( 29 वर्षीय) मिस्र के प्रवासी, जो जेद्दाह में पैदा हुए और यहीं पले बड़े है. उन्होंने कहा कि वह सऊदी छोड़ रहे है, क्योंकि उन्हें कोई और नौकरी नहीं मिल रही है. ना ही उनके पास पैसे है.
 
उन्होंने आगे कहा कि, “सऊदी अरब मेरा घर है, मैं यहां पैदा हुआ था, मैं यहां 29 साल से अधिक समय से रह रहा हूं, यह मेरे लिए सबसे कठिन निर्णय है, लेकिन दुर्भाग्य से मेरे पास कोई विकल्प नहीं है. मुझे नौकरी से निकाल दिया गया है. मैं अपने रोज़-मर्राह के खर्चों का जोखिम नहीं उठा सकता हूँ और सऊदी में दूसरी नौकरी ढूंढना भी अब बहुत मुश्किल है, इसलिए मुझे सऊदी अरब छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.”
 

37 वर्षीय नूर इमाम भी मिस्र की प्रवासी है, जो कई सालों से जेद्दाह में रह रही थी, अब भावनात्मक महसूस कर रहीं है कि उन्हें सऊदी अरब छोड़ दिया गया है क्योंकि वह सऊदी अरब को अपने दिल का टुकड़ा समझती है.
 
उन्होंने कहा कि, “मैंने बस कुछ महीने पहले सऊदी छोड़ दिया था. हां, मैं मिस्र से प्यार करती हूं, लेकिन सऊदी अरब भी मेरे दिल का टुकड़ा है. मैं 37 साल तक वहां रहा. मैं जेद्दाह के प्रत्येक इंच को अपने हाथ की पीठ की तरह जानता हूं. मैं सऊदी में 3 साल की उम्र से रह रही हूँ.  मैं वहां स्कूल और विश्वविद्यालय में पढ़ी हूँ. मैंने अपने पति से भी मुलाकात की.
 
सऊदी गेजेट के मुताबिक, खालिद साद, 45 वर्षीय मिस्र के प्रवासी, जो इस गर्मी में सऊदी अरब छोड़ने को तैयार हैं.  उन्होंने कहा कि, “मैं जल्द ही जेद्दाह छोड़कर काहिरा वापस जा रहा हूं. मुझे पता है कि मिस्र के अधिकांश लोग पहले ही सऊदी अरब छोड़ चुके हैं. “खालिद जेद्दाह में 20 से अधिक वर्षों से रह रहे है. खालिद ने कहा, “मेरे बच्चे दुखी हैं कि वे अपने स्कूल और दोस्तों को छोड़कर जा रहे हैं.”


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