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एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आज कहा कि सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह सऊदी की प्रमुख महिला कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद आप मानवाधिकार समूह की मांग के बाद सऊदी की प्रमुख महिला कार्यकर्ता आइशा अल-मानिया को रिहा कर दिया गया है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, अधिकार समूह ने कम से कम 11 कार्यकर्ताओं की हिरासत की सूचना दी है, ज्यादातर महिलाएं जिन्होंने पहले ड्राइव करने और सऊदी के पुरुष अभिभावक प्रणाली को समाप्त करने के अधिकार के लिए प्रचार किया था. इन सभी महिलाओं को सऊदी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. आपको बता दें कि 10 महिला कार्यकर्ता अभी भी हिरासत में है. मानवाधिकार समूह अभी भी गिरफ्तार महिला कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे है.
एमनेस्टी के मध्य पूर्व निदेशक सैमा हदीद ने कहा, “हम आइशा अल-मानिया की रिहाई का स्वागत करते हैं, लेकिन हम अभी भी इसके आसपास की स्थितियों को नहीं जानते हैं, और हम तुरंत अन्य मानवाधिकार रक्षकों को रिहा करने के लिए अधिकारियों से आह्वान करते हैं.”

क्या था पूरा मामला 

सरकार ने शनिवार को अधिकार समूहों द्वारा पहचाने गए सात लोगों की गिरफ्तारी की घोषणा की थी जिसमे ज्यादातर महिलाएं थी जिन्होंने लम्बे समय से देश में महिलाओं के अधिकारों के लिए और देश में पुरुष प्रणाली को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया था.
अल जजीरा की खबरों के अनुसार मंगलवार को, ह्यूमन राईट ने बताया की गिरफ्तार लोगों की संख्या कम से कम सात महिलाओं सहित 10 हो गयी थी. यह सऊदी महिलाऐं अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहीं थी जिसकी वजह से सऊदी पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया था.
अभियान के एमनेस्टी इंटरनेशनल के मध्य पूर्व निदेशक समह हदीद ने कहा की “अंतरराष्ट्रीय कार्यवाही के बावजूद और इन कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए बोलने के बावजूद, वे अभी भी अपने शांतिपूर्ण मानवाधिकार कार्यों के लिए हिरासत में हैं.”


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