सऊदी अरब क्यों ख़ारिज नहीं कर रहा बिन सलमान की मौत की खबरों को ?


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सऊदी अरब और मिडिल ईस्ट के सबसे शक्तिशाली नेता सऊदी अरब क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन सलमान, एक महीने से भी अधिक समय से विश्व मंच से गायब हैं. दुनिया के सबसे रूढ़िवादी मुस्लिम राष्ट्र में सुधार करने वाले क्राउन प्रिंस की अनुपस्थिति ने वैश्विक स्तर पर मौत की अफवाहों को जन्म दिया है.

क्या कहना है विभिन्न मीडिया का ?
32 वर्षीय राजकुमार, जिन्होंने काफी तेजी के साथ सत्ता पर आते ही सऊदी में सुधार श्रंखला पेश की थी. सऊदी का दर्पण बदला था.ईरानी मीडिया ने उनकी मृत्यु के सिद्धांतों को प्रसारित करने में अग्रणी भूमिका निभाई. ईरानी और वेस्टर्न मीडिया के दावों के अनुसार 21 अप्रैल को शाही महल में जो हादसा हुआ था. उसमे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को भी दो गोलियां लगी थी. ईरानी मीडिया ने तो क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मृत्यु तक का अनुमान लगा लिया था.

रियाद के अधिकारीयों ने नहीं की अफवाहें ख़ारिज ?
हालांकि, सऊदी अरब के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी ईरान ने स्पष्ट रूप से एमबीएस की मौत की अफवाहें फैलाई हैं , रियाद के अधिकारियों ने भी रहस्यमय तरीके से अफवाहों को खत्म करने के लिए कुछ नहीं कहा. इससे कई सारे सवाल देश वासियों के मैन में पैदा होते हैं. क्या सऊदी सरकार इन दावों को खारिज करने की जगह इसलिए चुप है क्योंकि यह बयान काफी विचित्र और अटपटे हैं? या फिर सच में मोहम्मद बिन सलमान 21 अप्रैल को शाही महल में हुए हमले से घायल हो गए.?
वैश्विक स्तर पर फैली खबर
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ईरान के कायहान अख़बार ने लिखा था की “रियाद में 21 अप्रैल को हुए हमले में बिन सलमान को कम से कम दो गोलियां लगी है और यह भी संभव है कि वह मर चुका है.” ईरानी अखबार ने दावा किया है की सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सुल्मान के लगभग 30 दिनों की अनुपस्थिति का सुझाव देने के लिए बहुत सारे सबूत हैं.
ईरानी अखबारों के बाद यह खबर वैश्विक स्तर पर फ़ैल गयी , दुनिया भर के देशों के मीडिया ने इस अफवाह पर खबर बनाना शुरू कर दिया था.जैसा की कुछ महीने पहले बिन सलमान ने एक इंटरव्यू में कहा था की “उन्हें किसी से डर नहीं लगता है केवल मौत ही उनके सुधार अभियान को रोक सकती है.”

सऊदी ने जारी की तस्वीर लेकिन कहाँ है विडियो ?
इन सबके बावजूद लम्बे अन्तराल के बाद इन अफवाहों के साथ, सऊदी अरब के अधिकारियों ने इस हफ्ते प्रिंस की कुछ तस्वीरें जारी कीं हैं. एक तस्वीर में जेद्दाह में कैबिनेट की बैठक के दौरान क्राउन प्रिंस को दिखाया गया है, जबकि दूसरे में उन्हें आर्थिक और विकास मामलों की परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता में दिखाया गया है. हालांकि, इन तस्वीरों के बाद लोगों में बिन सलमान को लेकर उत्सुकता और बढ़ गयी है. लोगों का कहना है की क्राउन प्रिंस का वीडियो जारी क्यों नहीं किया गया था? पिछले महीने में राजकुमार किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में क्यों नहीं आये?

कई लोग सवाल कर रहे हैं की ,प्रिंस सलमान अप्रैल के अंत में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोप्मो की उच्च प्रोफ़ाइल यात्रा के दौरान उपस्थित नहीं थे. मार्च में उनकी अमेरिकी यात्रा सावधानीपूर्वक कोरियोग्राफ की गई थी ताकि उन्हें मध्य पूर्व से एक दूरदर्शी शासक के रूप में माना जा सके लेकिन फिर भी पोम्पो की अति महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान पूरी तरह से वह अनुपस्थित थे.

कमजोर पड़ गए हैं बिन सलमान ?
इस सप्ताह, सऊदी अरब की रिपोर्टों में कहा गया है कि कई महिला कार्यकर्ताओं सहित कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. यह खबर एक ऐसे मौके पर आई है जबकि ‘एमबीएस सुधार’ के सबसे अब्दे फैसले ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की तिथि सामने आने वाली है. महिला कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद कई लोगों का कहना है की इस गिरफ्तारी ने संदेह और बढ़ा दिया. कई लोगों का मानना है की हो सकता है वह मारे जा चुके हो और कई लोगों का कहना है की हो सकता है की वह कमजोर पड़ गए हो. अफवाहें किसी ठोस सबूत की पेशकश नहीं करते हैं.

क्राउन प्रिंस सऊदी अरब में पिछले कुछ समय से होने वाली उथल पुथल के पीछे थे, चाहे वह कतर का बहिष्कार हो या सऊदी में हुए भ्रष्टाचार अभियान,जिनमे उनके चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया गया था . लेबनान के साद अल हरिरी के पीएम पद से इस्तीफा पर भ उनका ही हाथ बताया जा रहा था. उन्होंने ईरान के साथ संघर्ष में पूर्ववर्ती कदम उठाया और कहा कि उनके सर्वोच्च नेता अयतोला खमेनी हिटलर से भी बदतर हैं.
बिन सलमान अर्थव्यवस्था, सैन्य, तेल अर्थव्यवस्था, विदेशी मामलों और आंतरिक सुरक्षा को नियंत्रित करते हैं, ऐसी स्थिति में उनकी अनुपस्तिथि बहुत कुछ मांग करती है.
इनपुट:arabnama


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