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टैटू दिखने में भले अच्छे लगते हैं, लेकिन यह स्किन के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं. इन दिनों युवाओं में टैटू बनवाने का स्टाइल फैशन बनता जा रहा है. लेकिन, स्किन विभाग के डॉक्टर इसे बेहद नुकसानदायक बता रहे हैं.

डॉक्टरों की मानें, तो टैटू से त्वचा पर फफोले और चकत्ते पड़ रहे हैं, जो बेहद ही खतरनाक हो सकता है. रिसर्च के अनुसार टैटू से खासकर हेपेटाइटिस, चर्म रोग, एचआइवी और संक्रमण रोग होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है. पटना के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना टैटू से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं.

एक ही सूई से दर्जनों बना रहे टैटू
शहर के सड़क किनारे और ऐसे कई पार्लर हैं, जहां सस्ते में टैटू बनाने का काम चल रहा है. कई ऐसे पार्लर हैं, जहां एक ही सूई का इस्तेमाल बार-बार किया जा रहा है. इससे एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है. एक सूई के ंअधिक प्रयोग के चलते अस्पतालों में कई ऐसे केस आ चुके हैं जिनसे मरीजों को हेपेटाइटिस जैसी बीमारी का समाना करना पड़ रहा है.
चर्म रोग के डॉक्टरों की मानें, तो टैटू बनवाने से सोराइसिस बीमारी होने का खतरा होता है, क्योंकि टैटू

बनाने में जिस स्याही का इस्तेमाल करते हैं उससे एलर्जी होने की अधिक संभावना हो जाती है. स्याही के लिए जो केमिकल्स डालते हैं, वह काफी खतरनाक होता है. इससे स्किन कैंसर की आशंका हो सकती है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट डॉक्टर
टैटू में जो नीले रंग की स्याही प्रयोग की जाती है. उसमें एल्यूमिनियम और कोबाल्ट होता है. लाल रंग की स्याही में मरक्यूरियल सल्फाइड होता है, जबकि दूसरे रंगों की स्याही में कैडियम, टाइटेनियम, शीशा, निकल और क्रोमियम मिला होता है. जोकि आपके त्वचा के लिए ये केमिकल्स खतरनाक साबित हो सकता है और कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं टैटू बनाते समय एक ही सूई का कई लोगों पर प्रयोग किया जाता है, इससे हेपेटाइटिस व एचआईवी अधिक होने का खतरा बढ़ जाता है. इस तरह के मरीज अस्पताल में आ रहे हैं जिनका इलाज किया जा रहा है.
– डॉ शशिकांत प्रसाद चौधरी, वरीय चर्म रोग विशेषज्ञ एनएमसीएच

इंफेक्शन, एलर्जी
टैटू से इन्फेक्शन और एलर्जी होने का खतरा बना रहता है. इससे कई अन्य सारी बीमारियां होने की संभावना भी बढ़ जाती है. टैटू बनवाने के कुछ महीने या साल तो फर्क नहीं पड़ता, लेकिन बाद के सालों में इसके साइड इफेक्ट साफ नजर आने लगते हैं. स्किन इन्फेक्शन जैसे स्किन पर सूजन, लाल निशान, मवाद आना आदि और आगे चल कर दर्द होने की संभावना भी हो सकता है. इसके अलावा बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का भी खतरा होता है. एेसे में सतर्क रहने की आवश्यकता है.

केस : 1
हनुमान नगर के रहनेवाले प्रतीक शेखर (27) ने सात माह पहले दोनों हाथों पर टैटू बनवाया था. शुरू के तीन माह तो सब ठीक रहा, लेकिन बाद में बायीं हाथ में टैटू वाली जगह के आसपास लालिमा व खुजली होने लगी. धीरे-धीरे हाथ में सूजन हो गयी.
केस : 2

पटना सिटी की अंजलि त्वचा की परेशानी से जूझ रही है. कुछ माह पहले उसने गले के किनारे टैटू बनवाया था. एक माह पहले ही हाथ में सूजन, मवाद होने जांच करवायी. डॉक्टरों ने कहा कि खून पूरी तरह से संक्रमित नहीं हुआ वरना हेपेटाइटिस, कैंसर आदि होने की आशंका हो सकती थी.
इनपुट:PKM


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Digital Desk

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