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पूर्वी इंडोनेशिया के पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान में सवार लोगों में से सिर्फ 12 वर्षीय एक बच्चा ही जीवित बच पाया है. हादसे में आठ लोगों की जान गई थी. शनिवार को स्विस निर्मित ‘पिलेटस विमान’ का हवाई यातायात नियंत्रण से संपर्क टूट गया था. इसे 40 मिनट का सफर तय कर सुदूरवर्ती पापुआ प्रांत जाना था. विमान का मलबा रविवार सुबह ओक्सिबिल उप जिले के पहाड़ी इलाके के घने जंगलों से बरामद हुआ.
 

 
पापुआ सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल डैक्स सियंटुरी ने कहा, ‘‘आठ यात्रियों के शव मिले हैं और एक बच्चा जीवित पाया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘तत्काल अभी दुर्घटना के कारण का पता नहीं चल पाया है.’’ सियंटुरी ने कहा कि राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा समिति मामले की जांच करेगी.
 
 
अमर उजाला ने इस मामल में कल ये जनकारिया दी थी.
 
पूर्वी इंडोनेशिया की पहाड़ियों में एक निजी चार्टर्ड कंपनी का छोटा हवाई जहाज शनिवार को लापता हो गया। विमान में दो स्टाफ के अतिरिक्त एक बच्चे समेत 7 अन्य यात्री सवार थे।

स्विट्जरलैंड निर्मित पिलाटुस एयरक्राफ्ट से एयर ट्रैफिक कंट्रोल का संपर्क उस समय टूट गया, जब वह रिमोट एरिया में स्थित पापुआ प्रॉविंस से महज 40 मिनट की दूरी पर था।
 
 
बिनटांग रीजेंस के पुलिस चीफ माइकल मुंबुनान ने बताया कि ओकाटेम गांव के लोगों ने जानकारी दी है कि विमान से पहले तेज आवाज सुनी गई और फिर उसमें विस्फोट हो गया।
 
 
अधिकारियों का कहना है कि विमान की खोज में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लेकिन सर्च टीमों को तत्काल वहां भेजा गया था, लेकिन घटनास्थल के दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण टीमों को पैदल सफर करना पड़ रहा है।

 
बता दें कि अपने हजारों द्वीपों से संपर्क में रहने के लिए इंडोनेशिया में एयर ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहद लोकप्रिय है, लेकिन पिछले कुछ सालों में खराब एविएशन सुरक्षा रिकॉर्ड के कारण दर्जनों दुर्घटनाएं देखने को मिली हैं।
 
 
पापुआ प्रॉविंस को वैसे भी बेहद दुर्गम क्षेत्र माना जाता है। यहीं पर पिछले साल जुलाई में भी वामेना के करीब विमान दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई थी। अगस्त 2015 में भी पापुआ के करीब खराब मौसम के कारण इंडोनेशियाई एयरलाइंस त्रिगाना का एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से 54 यात्रियों की मौत हो गई थी।


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