विदेश जाने के लिए कर लीजिए ये कोर्स, मिलेगी ज़बरदस्त सैलरी और इज़्ज़त, सरकार ने जारी किए नए नियम


हुंनरमंदों के लिए देश-विदेश में रोजगार की कोई कमी नहीं है। इसके लिए युवाओं में कौशल विकसित करने वाली संस्थानों को आगे आना होगा। युवाओं को ऐसा प्रशिक्षण मिलना चाहिए, जिससे रोजगार मिले, न कि केवल सर्टीफिकेट। प्रमाणपत्र नौकरी मिलने का पैमाना नहीं है। ये बातें उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को विश्वकर्मा जयंती की पूर्व संध्या पर अधिवेशन भवन में श्रम संसाधन विभाग की ओर से आयोजित ‘श्रम कल्याण दिवस समारोह’ के उद‌्घाटन के बाद कहीं।

 

वह श्रमिक और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि इस देश और विदेशों में हुनरमंद की तुलना में डिग्रीधारक को ज्यादा महत्व दिया जाता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय के सहयोग से श्रम संसाधन विभाग द्वारा समुद्र पार नियोजन ब्यूरो के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, गया व दरभंगा में प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय के सहयोग से श्रम संसाधन विभाग से सीवान और गोपालगंज में भी प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए कहा। प्रशिक्षण के जरिए रोजगार के लिए विदेश जाने वालों का सुरक्षित व वैध प्रवासन सुनिश्चित किया जाएगा।

 

 

उन्हाेंने कहा कि ऐसी फैक्ट्री जहां 10 से अधिक कामगार हैं, वहां संयुक्त रूप से निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर ऑनलाइन दाखिल करना अनिवार्य होगा। सभी श्रम कानूनों में कॉमन विवरणी दाखिल की जा सकेगी तथा निबंधन, नवीनीकरण एवं लाइसेंस आदि की प्रक्रिया को ऑनलाइन व लाइसेंस की अवधि 5 से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया है।

 

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अधिकारियों को विभाग के हर छोटे बड़े कार्यक्रम और योजनाओं की जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि आम लोगों तक सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आसानी से पहुंचायी जा सके। सोमवार को विकास प्रबंधन संस्थान द्वारा भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से संवाद कला पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम का उद‌्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग की किसी खामी के बारे में भी बात करने से घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि इससे खामियों को सुधारने का मौका मिलता है।

 

उन्होंने कहा कि कश्मीर में कोई पहली बार मोबाइल व इंटरनेट सेवा नहीं रोकी गई है। पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाने के बाद उत्पन्न विशेष परिस्थिति और देशहित में आतंकियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने तथा पाकिस्तान में बैठे आकाओं से संपर्क काटने के लिए यह जरूरी था कि पूरे इलाके में इंटरनेट व मोबाइल सेवा पर रोक लगायी जाए। कार्यशाला को विकास प्रबंधन संस्थान के निदेशक प्रो. हेमनाथ राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एसएस चौधरी, प्रशिक्षण के संयोजक प्रो. नीरज कुमार ने भी संबोधित किया। आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से किया गया है।


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