0

भारत में हर लड़की के लिए पैसे बचाना है। इस विचार पर दोबारा भरोसा जगाते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सुकन्या समृद्धि अकाउंट योजना’ शुरू की। यह लघु बचत योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है। इसे घरेलू बचत का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार की एक पहल भी माना जा रहा है, जो 2008 में जीडीपी का 38 प्रतिशत थी, जबकि 2013 में घटकर 30 प्रतिशत रह गई। यह योजना माता-पिता को अपनी लड़की की शिक्षा और भविष्य के लिए पैसे बचाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए पैसे की टेंशन दूर करने को अब आप डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवा सकते हैं। जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कैंपेन में इस स्कीम की शुरुआत की थी। इसके बाद अब पजाब में भी इसके खाते खुलने शुरू हो गए हैं। डाक विभाग के सभी पोस्ट ऑफिसेज के साथ अकाउंट खोलने के लिए सुविधा सेंटर में भी अलग काउंटर खुलेगा। यहां जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कराने के बाद अकाउंट खुल सकेगा।
यह है योजना :इस अकाउंट में एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 1 हजार और अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपया या इसके बीच की कितनी भी रकम जमा कर सकते हैं। यह पैसा अकाउंट खुलने के 14 साल तक ही जमा करवाना पड़ेगा। मगर, खाता बेटी के 21 साल की होने पर ही मैच्योर होगा। बेटी के 18 साल के होने पर आधा पैसा निकलवा सकते हैं।

21 साल के बाद खाता बंद हो जाएगा और पैसा गार्जियन को मिल जाएगा। अगर बेटी की 18 से 21 साल के बीच मैरिज हो जाती है तो अकांउट उसी वक्त बंद हो जाएगा। अगर पेमेंट लेट हुई तो सिर्फ 50 रुपए की पैनल्टी लगेगी। गार्जियन अपनी दो बेटियों के लिए दो अकाउंट खोल सकते हैं। जुड़वां होने पर उसका प्रूफ देकर ही तीसरा खाता खोल सकेंगे। खाते को आप कहीं भी ट्रांसफर करा सकेंगे।

ऐसे समझें फायदे को:यदि 2015 में कोई व्यक्ति 1,000 रुपए महीने से अकाउंट खोलता है तो उसे 14 साल तक यानी 2028 तक हर साल 12 हजार रुपए डालने होंगे। मौजूदा हिसाब से उसे हर साल 9.1 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा तो जब बच्ची 21 साल की होगी तो उसे 6,07,128 रुपए मिलेंगे। यहां आपको बता दें कि 14 सालों में इस व्यक्ति को अकाउंट में कुल 1.68 लाख रुपए ही जमा करने पड़े। इसके अलावा बाकी के 4,39,128 रुपए ब्याज के हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना के नियम – सुकन्या समृद्धि अकाउंट कैसे खोलें?
 अभिभावक को खोलना होगा अकाउंटः   माता-पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम दो लड़कियों के लिए यह खाता खोल सकते हैं। जुड़वा या तीन बच्चियों का जन्म एक साथ होने की स्थिति में अधिकृत चिकित्सालयों से प्रमाण पत्र देने पर उन्हें भी योजना में शामिल किया जा सकेगा|
अकाउंट कहां खुलेगाः सुकन्या समृद्धि अकाउंट पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों (इनमें से कुछ बैंक हैं- भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, आंध्रा बैंक, यूसीओ बैंक और इलाहाबाद बैंक) में खोले जा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि अकाउंट के बारे में ज्यादा जानकारी-

1. अकाउंट ट्रांसफर हो सकता हैः अकाउंट को एक हजार रुपए से खोला जा सकता है। लड़की के एक शहर से दूसरे शहर जाने पर इसे मूल स्थान से भारत के किसी भी शहर में ट्रांसफर किया जा सकता है।
2. न्यूनतम भागीदारीः हर साल में कम से कम एक हजार रुपए हर खाते में जमा होने चाहिए। अधिक से अधिक 1,50,000 रुपए जमा किए जा सकते हैं। एक वित्त वर्ष में कितनी बार पैसे जमा किए जाए, इस पर कोई पाबंदी नहीं है। पैसे नगद, चेक या ड्राफ्ट के जरिए जमा किए जा सकते हैं।

3. अर्थदंडः यदि खाते में हर साल न्यूनतम राशि जमा नहीं कराई गई तो 50 रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा।
4. ब्याज की दरः इस योजना में ब्याज की दर 9.1 प्रतिशत प्रति वर्ष रखी गई है। हालांकि, हर साल अप्रैल में इसकी समीक्षा होगी और जो भी बदलाव होगा उसकी जानकारी तत्काल दे दी जाएगी। ब्याज की गणना सालाना होगी, जिसे सीधे बैंक खाते में जमा करवाया जाएगा।
5. अवधिः अभिभावक इस अकाउंट में 14 साल पूरे होने तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं। उसके बाद अकाउंट के परिपक्व होने तक कोई राशि जमा करने की जरूरत नहीं है।

6. निकासीः लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद अकाउंट परिपक्व हुए बिना यदि पैसे निकालना है तो जमा की हुई राशि (पूर्व वित्त वर्ष के समाप्ति की राशि) का 50 प्रतिशत निकाले जा सकते हैं।
7. अकाउंट बंद करनाः लड़की की उम्र 21 वर्ष होने पर ही अकाउंट बंद किया जा सकेगा। यदि इसके बाद भी पैसा नहीं निकाला जाता तो उस पर ब्याज मिलता रहेगा।
8. कराधानः आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट में शामिल। इस धारा के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर कर में छूट मिलती है। ब्याज और पूर्ण परिपक्वता राशि समेत सभी तरह के भुगतान पूरी तरह से करमुक्त हैं।

अकाउंट खोलने के लिए किस-किस दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी?

1. बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र
2. अभिभावक के पते का प्रमाण पते और फोटो पहचान पत्र (पैन कार्ड, वोटर आईडी, आधार कार्ड)


Like it? Share with your friends!

0
Digital Desk

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: