भारतीय प्रतिबंध के बाद, मोदी ने लिया साउदी अरब के साथ बड़ा फ़ैसला, दोनो देश में निर्णय से ख़ुशी और देश में सस्ता होगा तेल


ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक सऊदी अरब से तेल की सप्लाई और बढ़ाएगा। पूरे मामले से भलीभांति वाकिफ सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सऊदी अरब नवंबर महीने में 4 मिलियन बैरल अतिरिक्त कच्चे तेल भारत को सप्लाई करेगा।

सऊदी अरब की तरफ से अतिरिक्त तेल की सप्लाई इस बात का इशारा कर रही है कि 4 नवंबर से दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल निर्यातक ईरान पर लागू हो रहे अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते उसकी भरपाई करने का वह इच्छुक है।

 

भारत चीन के बाद ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीददार देश है। लेकिन, कई रिफाइनरियों से यह साफ जाहिर होता है कि वे प्रतिबंधों के चलते ईरान से तेल खरीदना बंद कर देंगे। सूत्रों ने बताया कि रिलाइंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प, भारत पेट्रोलियम कॉर्प और मैंगलोर रिफाइनरी पेट्रोकैमिकल्स लिमिटेड ये सभी कंपनियां नवंबर महीने में सऊदी अरब से अतिरिक्त एक मिलियन बैरल खरीदना चाहते हैं।

हालांकि, तीन कंपनियों ने रायटर्स की तरफ से भेजे गए ईमेल पर अपना जवाब फौरन नहीं दिया है। मैंगलोर से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने जवाब दिया- नो कमेंट्स। सऊदी की तेल उत्पादक कंपनी अर्माको जबाव देने के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया था।

गौरतलब है कि ईरान पर बढ़ती तेल निर्भरता के चलते भारतीय तेल कंपनियां ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होने के बाद तेल के आयात में छूट चाह रही थी। नवंबर में भारतीय कंपनियों की तरफ से 9 मिलियन बैरल खरीदने का ऑर्डर दिया गया है।

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