भारतीय कामगारों में हड़कम्प, घर लौटने की नौबत, सोमवार से लागू हो जाएगा नया क़ानून, USA में शुरू हुआ क़ानून

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जिन लोगों का अमेरिका में रहने का कानूनी अधिकारी खत्म हो गया है, उन्हें देश से निकालने की प्रक्रिया शुरू करने का नया कानून सोमवार से लागू हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि वीजा की समयावधि बढ़ाने के आवेदन खारिज होने या ओहदे में बदलाव जैसे कारणों से कई लोगों का अमेरिका में रहने का कानूनी अधिकार खत्म हो चुका है। 1 अक्टूबर से नया कानून लागू करने के लिए आगे का कदम उठाएगा।
 

 
डेमोक्रेटिक पार्टी की दो महिला सीनेटर्स ने ट्रंप प्रशासन से अपील की है कि वे अपने उस फैसले पर अभी आगे न बढ़ें, जो एच-4 वीजा धारकों को मिली छूट खत्‍म करने से जुड़ा है। उनका कहना है कि इस फैसले से सबसे ज्‍यादा असर उन भारतीय-अमेरिकियों पर पड़ेगा जो कई वर्षों से यहां बसे हैं। उनका कहना है कि फैसले की वजह से कम से कम से 100,000 महिलाएं प्रभावित होंगी।
 

 
अमेरिका के यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईसी) की ओर से एच-4 वीजा जारी किए जाते हैं। ये वीजा एच-1बी वीजा धारकों के पारिवारिक सदस्‍यों, उनके जीवनसाथी और 21 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों के लिए जारी होते हैं। इस तरह के वीजा का लाभ सबसे ज्‍यादा भारतीय आईटी प्रोफेशनल्‍स पर पड़ता है।
 
वीजा नियम को खत्‍म करने से बढ़ेगा डिप्रेशन
 
कैलिफोर्निया की सीनेटर्स कमला हैरिस और न्‍यूयॉर्क से क्रिस्‍टन गिलीब्रांड ने होमलैंड सिक्‍योरिटी के सेक्रेटरी क्रिस्‍टजेन नीलसन और यूएससीआईसी के डायरेक्‍टर एल फ्रांसिस सिसेना को चिट्ठी लिखी है। यह चिट्ठी ऐसे समय आई है जब होमलैंड सिक्‍योरिटी की ओर से कोर्ट को पिछले हफ्ते बताया गया है कि वह एच-4 वीजा धारकों को मिले रोजगार को खत्‍म करने जा रहा है।
 

 
इससे जुड़ा एक नोटिफिकेशन तीन माह से भी कम समय में जारी कर दिया जाएगा। ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा नीति को रिव्‍यू कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि कई कंपनियां अमेरिकी कामगारों को हटाने के लिए इस नीति का गलत प्रयोग कर रही हैं। प्रशासन सार्वजनिक तौर पर और साथ ही कोर्ट में कहा चुका है कि एच-4 वीजा के तहत मिले वर्क परमिट को खत्‍म करने जा रहा है।
 
 
ओबामा के फैसले ने बदली थी किस्‍मत

इस कदम का सबसे ज्‍यादा असर उन भारतीय महिलाओं पर पड़ेगा जिन्‍हें पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में फायदा मिला था। सीनेटर्स की ओर से जो चिट्इी लिखी गई है उसमें कहा गया है, ‘एच-नियम को खत्‍म करने से उन महिलाओं को खासी दिक्‍कते होंगी जिन्‍हें जबरदस्‍ती अपनी जॉब छोड़नी पड़ेगी।

ऐसा करने से हम महिलाओं को अकेलेपन, डिप्रेशन, चिंता और अपराध बोध की तरफ ढकेल देंगे।’ कमला हैरिस पहली भारतीय-अमेरिकी सीनेटर्स हैं। हैरिस और गिलीब्रांड ने लिखा है एच-4 को खत्‍म करने का मतलब गलत तरीके से दक्षिणी एशियाई महिलाओं को निशाना बनाना।


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