भागलपुर में मनोवांछित फल प्राप्त होने के बाद स्थापित की गई इस दुर्गा मां की प्रतिमा, जानें इस मंदिर का इतिहास

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भागलपुर शहर के लाजपत पार्क मंदिर में शक्ति की देवी मां दुर्गा की प्रतिमा वर्ष 1953 से स्थापित होते आ रही है। सबसे बड़ी बात है कि इस मंदिर में पूजन कार्य की जिम्मेदारी बीते 65 वर्षो से एक ही परिवार के लोग उठाते आ रहे हैं। इस मंदिर के पीछे इतिहास है कि पुत्र प्राप्ति की कामना को लेकर स्व. महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजन प्रारंभ किया था। मनोवांछित फल प्राप्ति के बाद उन्होंने वर्ष 1988 तक देवी की प्रतिमा की पूजा अर्चना की। उनके निधन के उपरांत आश्विनी गुप्ता ये जिम्मेदारी उठा रहे हैं। पहले यहां रामलीला और रावण दहन का कार्यक्रम होता था। दूर-दराज से लोग रावण दहन देखने आते थे। पर अब यह विभिन्न कारणों से अतीत के पन्नों में दब गया। लेकिन इस मंदिर प्रागंण में आज भी चार दिवसीय मेला का खूब आयोजन होता है।

यहां की देवी के प्रति लोगों की आपार श्रद्धा है। लोग दूर-दराज से यहां मन्नतें मांगने आते हैं। यहां नियमित रुप से सुबह-शाम मैय्या की पूजन और आरती होती है। आसपास की महिलाएं शाम में एकत्रित होकर आरती के दौरान देवी गीत गाती हैं।

शारदीय नवरात्र के मौके पर मंदिर को फूलों एवं रंग-बिरंगे बल्बों से सजाया जाता है। मंदिर प्रागंण में चार दिवसीय मेले का आयोजन होता है। शहर में मेला देखने के लिए आए लोग इस मंदिर में स्थापित देवी दुर्गा का दर्शन करने जरुर आते हैं।


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