भागलपुर आसपास: एक ही झटके में खत्म हो गया पूरा परिवार, रोजी रोटी के लिए जा रहा था बाहर


जिंदगी की गाड़ी को चलाने के लिए कुछ पैसे कमाने की जरूरत भी होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए एक परिवार का तीन सदस्य अपने एक जानकार के साथ मुंगेर से मुरादाबाद जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए एक हादसे के वजह से पुरे परिवार के साथ चारों को इस दुनिया से अलविदा कहना पड़ा गया। हादसे में मां, बेटा और बेटी की मौत के साथ ही एक परिवार का नामोनिशान खत्म हो गया। परिवार के मुखिया की मौत एक साल पहले बीमारी से हो चुकी थी। वहीं इस हादसे में पिता के साथ जा रहे सात साल के बच्चे की भी जान चली गई। रेल दुर्घटना में मौत की खबर सुनकर दोनों गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दरअसल, यूपी के रायबरेली हरचंदपुर में हुए ट्रेन हादसे में नौ मरने वालों में से पांच बिहार के हैं। जिनमें चार मुंगेर के और एक किशनगंज जिले से है।

हवेली खड़गपुर प्रखंड की बढौना पंचायत के लक्ष्मीपुर मांझी टोला निवासी जख्मी रसिक लाल मांझी के पिता रीगल मांझी व मां शोगो देवी ने बताया कि उसका बेटा अपने परिवार के साथ मुरादाबाद में ईंट भट्ठे में काम करता है। मंगलवार को दस बजे घर से मुरादाबाद के लिये बरियारपुर से ट्रेन पकड़ने गया था। आज सुबह लगभग सात बजे सूचना आयी कि रेल दुर्घटना में उसके बेटे दिनेश की मौत हो गयी है। पोता व पतोहू अनिता जख्मी हैं। इतना कहकर वृद्ध दंपती रोने लगे। इसी गांव के गणेश दास, बजरंगी मांझी, रजनी देवी, अंजनी कुमारी, सौरभ कुमार, संजीव कुमार, लक्ष्मण दास जख्मी हैं।

कौडिया पंचायत के किशनपुर मांझी टोला निवासी मृतका सुनीता देवी की गोतनी संगीता देवी व देवर बिजली मांझी ने बताया कि मंगलवार को लगभग नौ बजे यूपी के लिये रवाना हुए थे। प्रत्येक सीजन मे ईंट भट्टे पर यूपी में काम करने जाते हैं। बुधवार को लगभग साढ़े सात बजे सूचना मिली की सुनीता देवी (52), शंभु कुमार (25) व रीता कुमारी (01) की रेल हादेस में मौत हो गयी।

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