Saturday, October 23

ब्रेकिंग: भागलपुर में पुलिस और अपराधियों में बड़ी मुठभेड़, दर्जनों राउंड चली गोलियां, गिरफ़्तारी के लिए गई थी पुलिस

भागलपुर: अभी अभी भागलपुर से सामने आई एक बड़ी ब्रेकिंग खबर अपराधियों के बढ़े हुए मनोबल का साफ साफ इशारा दे रही है. बता दें कि पुलिस और अपराधियों के जबरदस्त मुठभेड़ हुई है. जिसको लेकर पुरे इलाके में सनसनी फैल गई है. जानकारी के अनुसार पुलिस एक खूंखार अपराधी को पकड़ने गई थी. तभी अपराधियों ने पुलिस पर ही फायरिंग करना शुरू कर दिया. जिसके बाद मामला गर्म हो गया. यह मामला जगदीशपुर थाना के फतवा गांव गांव की है, जहां अपराधियों के फायरिंग से लोगों के बीच दहशत फैल गई है. बाकी की अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहे.

मालूम हो कि अपराधियों ने अपने बुलंद हौसले का परिचय देते हुए मंगलवार की सुबह भागलपुर के नवगछिया व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम-द्वितीय संतोष कुमार पर फायरिंग कर हमला बोल दिया था. यह घटना उस वक्त हुए हुई जब एसीजेएम सुबह में कोर्ट कैम्प्स में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. इस दौरान स्‍कॉर्पियो सवार चार हमलावरों ने अचानक उनपर गोलीबारी करना शुरू कर दिया.

इस दौरान संतोष कुमार ने जवाबी फायरिंग कर अपनी जान बचाई. घटना के वक्त थोड़ी दूर पर उनका परिवार भी सुबह की सैर कर रहा था. हमले के विरोध में अधिवक्ताओं ने कोर्ट में कार्य बहिष्कार कर दिया है. जानकारी के मुताबिक एसीजेएम-द्वितीय संतोष कुमार रोज की तरह मंगलवार की सुबह भी एनएच 31 किनारे कोर्ट कैम्पस में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. थोड़ी दूर पर उनकी पत्नी और बच्चे भी थे. तभी उनके पीछे सफेद रंग की एक स्कार्पियो आकर रुकी. स्कार्पियो से चार की संख्या में हथियार से लैस हमलावर उतरे.

संदेह होने पर संतोष कुमार पीछे मुड़े. उनके पीछे मुड़ते ही हमलावरों ने गोलीबारी शुर कर दी. खुद को बचाते हुए संतोष कुमार ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग करते हुए एक हमलावर को दबोच लिया. हालांकि, बाकी तीन हमलावरों को दबोचने के चक्कर में पहला हमलावर भी हाथ छुड़ाकर अपने बाकी साथियों के साथ भाग निकला. हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो सकी है.

इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. यह मामला जज पर हुए हमले से जुड़ा हुआ है इसीलिए सभी अधिवक्ता मौके पर एसपी पंकज सिन्हा और एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन के आने उम्मीद कर रहे थे. लेकिन दोनों में कोई भी मौके पर नहीं आये. जिसके कारण अधिवक्ताओं में काफी नाराजगी है. इस घटना के बाद अधिवक्ताओं ने विरोध में कार्य का बहिष्कार कर दिया है.

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