ब्रेकिंग: बिहार में बालू बिक्री पर आया ये बड़ा फैसला, पुरे बिहार में जारी हुई बालू की नई कीमत, पढ़ें जरुर


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बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 15 जिलों के बफर स्टॉक में पड़े लघु खनिजों के स्टॉक क्लीयरेंस के लिए नई दरें निर्धारित की हैं। निगम ने इन 15 में से 13 जिलों के बफर स्टॉक क्लीयरेंस के लिए बालू व गिट्टी की निर्धारित नई दरों पर संबंधित जिलों के खनन पदाधिकारियों से जवाब मांगा है। निगम ने खनन पदाधिकारियों को जल्द स्पष्ट करने को कहा है कि नई दरों के निर्धारण से बफर स्टॉक को जल्द क्लीयर किया जा सकता है या नहीं?

बता दें कि बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने राज्य के 15 जिलों में बफर स्टॉक क्लीयरेंस के बाद इन्हें बंद करने का फैसला लिया है। निगम द्वारा प्रस्तावित बफर स्टॉक में पड़े बालू व गिट्टी की नई दरें इस पर प्रकार हैं-

जिला बालू की संभावित दर गिट्टी की संभावित दर
अरवल 1100/100 सीएफटी —
औरंगाबाद 1500/100सीएफटी 3000/100 सीएफटी
बांका 1500/100 सीएफटी —
भागलपुर 1500/100 सीएफटी 4000/100 सीएफटी
गया 1200/100 सीएफटी —
जमुई 1500/100 सीएफटी —
जहानाबाद 1500/100 सीएफटी —
कैमूर 1500/100 सीएफटी —
लखीसराय 1500/100 सीएफटी —
मुंगेर 1500/100 सीएफटी —
नालंदा 1050/100 सीएफटी —
नवादा 1200/100 सीएफटी 3000/100 सीएफटी
रोहतास 1500/100 सीएफटी —-

गांधी सेतु पर अब गिट्टी और बालू से लदे वाहनों का परिचालन नहीं होगा। गिट्टी और बालू से लदे वाहन अब बेगूसराय के राजेंद्र सेतु और आरा-छपरा के बीच हाल ही में बने वीर कुंवर सिंह सेतु होते हुए उत्तर बिहार की ओर जाएंगे। गांधी सेतु पर फिलहाल यात्री बसों और छोटी गाडिय़ों का परिचालन जारी रहेगा। दीघा-सोनपुर के बीच नवनिर्मित जेपी सेतु के बीच प्रायोगिक तौर पर भारी वाहनों का परिचालन रात दस बजे से सुबह चार बजे तक होगा। यह परिचालन वन वे रहेगा। केवल पटना से उत्तर बिहार के लिए भारी वाहन इस पुल का इस्तेमाल कर सकेंगे।

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्देश दिया। बैठक में गृह सचिव, पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारी, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा तथा सारण, भोजपुर, पटना तथा वैशाली के डीएम-एसपी भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने कहा कि अगले सात दिनों के अंदर इस फैसले का क्रियान्वयन संबंधित जिला प्रशासन के स्तर से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था भी की जा सकती है। गांधी सेतु पर जाम की मुख्य वजह यह है बालू और गिट्टïी लदे वाहन बड़ी संख्या में इस पुल के रास्ते उत्तर बिहार जाते और लौटते हैं। इस वजह से पटना के बाईपास इलाके और संपतचक में भी नियमित रूप से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इनपुट:JMB


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