0
0 0
Read Time:4 Minute, 6 Second

बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय 3000 से बढ़ाकर 4500 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार मिनी आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय 2250 से बढ़ाकर 3500 और सहायिकाओं का मानदेय 1500 से बढ़ा कर 2250 कर दिया गया है। एक अक्टूबर 2018 के प्रभाव से बढ़े हुए मानदेयका लाभ मिलेगा। नियमित और सुचारू रूप से केंद्र के संचालन पर सहायिकाओं को 250 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। राज्य सरकार के इस फैसले से राज्य पर अतिरिक्त 55.58 करोड़ सालाना भार पड़ेगा।
 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में आठ प्रस्तावों पर मंजूरी मिली। कैबिनेट के उक्त फैसले का फायदा कार्यरत एक लाख 60 हजार सेविकाओं और सहायिकाओं को मिलेगा। हालांकि इनके लिए स्वीकृत पदों की संख्या 2.21 लाख है। बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव यूएन पांडेय ने इसकी जानकारी दी।

फतुहा में एक लाख 20 हजार टन सालाना क्षमता का टीएमटी बार और क्वॉयल निर्माण की फैक्ट्री लगेगी। इसके मेसर्स शिवशिवा स्टील प्रा0 लिमिटेड को 30.23 करोड़ की निजी पूंजी निवेश और इसके लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने की स्वीकृति भी राज्य कैबिनेट ने दी है।
 
दरभंगा के जमालपुर थानांतर्गत बड़गांव ओपी और उसके संचालन के लिए 17 पदों के सृजन की स्वीकृति कैबिनेट ने दी। इसी प्रकार श्रम संसाधन विभाग के तहत 65 इंप्लाईिबलिटी स्कील अनुदेशक के नियमित पदों के सृजन की स्वीकृति मिली।
 
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की उप योजना हरित क्रांति के बिहार में कार्यान्वयन और वित्तीय वर्ष 2018-19 में 73.77 करोड़ के खर्च की स्वीकृति कैबिनेट ने दी। इनमें 43.72 करोड़ केंद्रांस और 29.14 करोड़ राज्यांश होगा। नैशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरण एक्सटेंशन योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति दी गई।

वित्तीय वर्ष 2018-19 में बिहार कृषि प्रबंधन और प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) और जिला स्तरीय कृषि प्रौदोयगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के लिए 63.04 करोड़ के खर्च की स्वीकृति मिली। इसी प्रकार सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में किसान कल्याण अभियान के तहत बिहार में चयनित 13 जिलों में किसानों अनुदानित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए 32.50 करोड़ के खर्च की स्वीकृति मिली।
 
13 जिलों में अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, गया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णियां, शेखपुरा और सीतामढ़ी शामिल है। इन जिलों के 25-25 गावों में हर गांव के दस-दस किसानों को यंत्र उपलब्ध कराया जाएगा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Like it? Share with your friends!

0
Digital Desk

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *