ब्रेकिंग : काश्मीर में जमीन घर के लिए बजा डं'का। सबसे पहले इन्होने ठो'की दावेदारी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल अब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के फैसले से बेहद खुश है। वह इतने खुश हैं कि कश्मीर में जमीन खरीदने की इच्छा भी जता दी है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कश्मीर में जमीन खरीदने की इच्छा जताई है। डॉ. अग्रवाल ने इसके लिए तैयारी भी शुरु कर दी है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाने को देश में नए युग की शुरुआत बताया है। वह सोमवार का जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के फैसले से खुश भाजपा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के जश्न में शामिल थे। इसी दौरान विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने कश्मीर में भूखंड खरीदने की इच्छा जाहिर की।
 
अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटते और जश्न मनाते हुए कहा कि मैंने भूखंड खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कश्मीर में अपने मित्र यासिर से इस संबंध में बात की है। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर अब तक कश्मीर के स्थानीय लोग दोहरी गुलामी का सामना कर रहे थे। उन्हें राष्ट्रविरोधी नेताओं की गुंडागर्दी बर्दाश्त करनी पड़ती थी। वहां के युवा पत्थरबाजों के समूह में शामिल हो रहे थे।धारा 370 हटने पर राधा मोहन दास अग्रवाल ने केन्द्र की मोदी सरकार और गृहमंत्री को धन्यवाद दिया है।

नगर विधायक ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि यह कश्मीर और कश्मीर के नागरिकों की आजादी का दिन है। विधायक ने कहा है कि आज देश की दूसरी स्वतंत्रता दिन है। साथ ही विधायक ने कहां है कि 1947 की आजादी के बाद भी राजनेताओं के नकारेपन की वजह से कश्मीर के नागरिक दो नंबर के नागरिक हो गए थे, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने जिस तरह से जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए है इससे देश में खुशी की लहर है।
 
मोदी-अमित शाह का यह कदम देश के उन हजारों सैनिकों तथा कश्मीरी राष्ट्रभक्त नागरिकों को श्रद्धांजलि है। जिन्होंने कश्मीर को भारत में बनाये रखने के लिए अपने बलिदान दिये। वहीं नगर विधायक डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने बातों बातों में कहा कि वह अपने मित्र डॉक्टर यासिर शाह से बात कर श्रीनगर या उसके आसपास जमीन खरीदने के लिए कह दिया है। अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कदम हजारों जवानों और राष्ट्रवादी नागरिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने कश्मीर को देश के साथ एकजुट रखने के लिए अपने जीवन की कुर्बानी दी है।

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के खत्म होने से अब उसका कोई अलग ध्वज या संविधान नहीं होगा और यह उसे ‘भारत संघ’ में पूरी तरह से समाहित कर देगा। ऐसा ही 1950 में अन्य देशी रियासतों को किया गया था। जम्मू कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश) विधानसभा का कार्यकाल अब अन्य राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों दिल्ली और पुडुचेरी की तरह ही पांच साल का होगा। अब तक जम्मू कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल छह साल का होता था। आपराधिक मामलों से निपटने में रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की जगह अब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) ले लेगा। इसके साथ ही, किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबद्ध अनुच्छेद 356 भी नये केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख पर लागू होगा।


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Digital Desk

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