जदयू के वरिष्ठ नेता ने कहा पुलिस PM की सुरक्षा इंतजाम में लगी है इसलिए हिंसा को रोकने में नाकाम रही बिहार सरकार

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बिहार में आरक्षण के विरोध में बुलाए गए भारत बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. आरा में जहां फायरिंग और बवाल के बाद धारा 144 लागु कर दिया गया तो वहीं गया में प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर कई पुलिस वालों को घायल कर दिया. जबकि वैशाली में तो केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को भी आन्दोलनकारियों के गुस्से के शिकार होना पड़ा. उनके काफिले पर हमला बोल दिया गया. कुशवाहा कई घंटों तक जाम में फंसे रहे. इस दौरान उनके साथ बदसलूकी भी की गई.

बता दें कि बिहार में हिंसा उस वक्त हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमाम केंद्रीय मंत्री एक कार्यक्रम के सिलसिले में पश्चिमी चंपारण में हैं. हिंसा को रोकने में राज्य सरकार क्यों नाकाम रही इस बारे में पूछे जाने पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा- प्रधानमंत्री के राज्य में होने की वजह से बिहार पुलिस प्रधानमंत्री की सुरक्षा इंतजाम में लगी है. इसीलिए दूसरी जगह पर हो सकता है चूक हो गई हो. उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक हो जाती तो इसको लेकर भी सवाल उठते.

केसी त्यागी मंगलवार के भारत बंद को संविधान विरोधी करार दिया. उन्होंने कहा कि कहा कि हैरानी की बात यह है कि तमाम पार्टियां और संगठन इस बंद के खिलाफ चुप्पी साधे हुए हैं. जबकि उन्हें इसका खुलकर विरोध करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि दलितों का भारत बंद दलित एक्ट में बदलाव के खिलाफ था लेकिन सवर्णों द्वारा बुलाया गया बंद सिर्फ बदले की कार्रवाई है. यह पूरी तरह से गलत है.

सोशल मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए केसी त्यागी ने कहा कि सोशल मीडिया का जिस तरह से यह असर हुआ है वह हैरान करने वाला है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी जरूर है. लेकिन जब पूरी की पूरी व्यवस्था जाति के आधार पर बंटी हो तब राज्य सरकार भी लाचार हो जाती है. समाज में जाति के आधार पर जो विभाजन और टकराव देखने को मिल रहा है उसका दोष किसी एक सरकार को नहीं दिया जा सकता. क्योंकि यह लंबे समय से चली आ रही बुराई है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद हिंसा को नहीं रोक पाने के लिए बिहार सरकार जिम्मेदार नहीं है, तो उन्होंने कहा कि निशाने पर सिर्फ बिहार सरकार को ही बार-बार क्यों रखा जाता है? उन्होंने कहा कि बंगाल को लेकर लोग क्यों चुप हैं. जहां तृणमूल कांग्रेस के गुंडे पंचायत चुनाव में दूसरी पार्टियों के उम्मीदवारों को पर्चा तक नहीं भरने दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सीपीएम और कांग्रेस सभी पार्टी के लोगों ने टीएमसी की गुंडागर्दी के खिलाफ शिकायत की है लेकिन हैरानी की बात है इसके बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही है. केसी त्यागी ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह के हिंसा के खिलाफ है. जो लोग हिंसा में लगे हैं राज्य सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.


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Digital Desk

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