Saturday, November 27

घर बैठे मोबाईल नंबर को आधार से लिंक करने की सेवा 1 जनवरी से होगी शुरू, अभी जान लें लिंकेज का प्रोसेस

मोबाईल नंबर को आधार कार्ड से जोड़ना सरकार ने अनिवार्य कर दिया, तो सिमकार्ड के कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों की चांदी हो गयी. कंपनी के आउटलेट में भारी भीड़ की वजह से लोग लोकल में सिम कार्ड को आधार से लिंक करवाने पहुंचने लगे और दुकानदारों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया.

दूसरी तरफ, बिजी शेड्यूल वाले लोगों के लिए दुकान जाना मुश्किल था. ऐसे लोगों को इंतजार था कि कब आधार को मोबाईल नंबर से लिंक करने के लिए ऑनलाईन सेवा शुरू हो. नवंबर में टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने घोषणा कि कि लोग 1 दिसंबर से अपने घर बैठे मोबाईल नंबर को आधार से लिंक कर पायेंगे. लेकिन, किन्हीं कारणों से यह सेवा शुरू नहीं हो पायी. अब यह सेवा 1 जनवरी, 2018 से शुरू होगी.

ओटीपी आधारित आधार री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों के कारण इस प्रोसेस को एक महीने की देरी से शुरू किया जा रहा है. सरकार ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को बता दिया है की वे आधार के साथ मोबाइल को लिंक करने के लिए तैयार हैं. 1 जनवरी से मोबाइल यूजर OTP के जरिये आधार से अपने सिम नंबर को लिंक करा पायेंगे. आधार से सिम को लिंक कराने की आखिरी तारीख 26 फरवरी है.
 
बेहद आसान प्रक्रिया
STEP 1 : टेलीफोन ऑपरेटर अपने ग्राहकों को एक टोल-फ्री नंबर जारी करेंगे. आपको अपने ऑपरेटर के नंबर पर अपने फोन से कॉल करना होगा. इसके बाद आधार री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को फॉलो करें. हो सकता है कि UIDAI सभी कंपनियों के लिए एक ही नंबर जारी करे. इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है.
STEP 2 : टोल-फ्री नंबर रिकाॅर्डेड रिस्पांस सिस्टम (IVRS) होगा. प्रक्रिया के बारे में आपको आपकी चयनित भाषा में बताया जायेगा.
STEP 3 : यूजर्स से IVRS हां या नहीं में जवाब मांगेगा. आपका जवाब हां होगा, तो आपको एक OTP मिलेगा.
STEP 4 : जैसे ही OTP कन्फर्म होगा, मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो जायेगा.
 
सावधानी भी है जरूरी
आधार से मोबाईल नंबर को लिंक करते समय बेहद सावधानी बरतें. OTP से जुड़े कई स्कैम्स इन दिनों चल रहे हैं. इसलिए आधार-मोबाइल लिंक के लिए ऑफिशियल नंबर्स के अलावा किसी भी अन्य नंबर का या कंपनी पर भरोसा न करें. अपना OTP किसी से शेयर न करें. ध्यान रखें कि OTP आधारित यह प्रक्रिया पूरी तरह से आॅटोमेटिक है. कोई यदि आपकी मदद करने की बात कहता है, तो समझ लें कि आपको फंसाया जा रहा है. ज्ञात हो कि आपके बैंक खाते से लेकर तमाम चीजें आधार से जुड़ रही हैं. ऐसे में साईबर अपराधी लोगों की डिटेल चुराने की तैयारी कर चुके हैं. इसलिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय बेहद सावधान रहें

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