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अब देशभर के ग्रामीण बैंककर्मियों को भी अन्य बैंकों की तरह पेंशन की सुविधा मिलेगी। पेंशन की जो सुविधा नेशनलाइज बैंकों के कर्मचारियों को मिलती हैं, वही सुविधाएं अब देशभर के 56 ग्रामीण बैंकों के करीब 80 हजार कर्मियों भी को मिलेगी।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज करते हुए नेशनलाइज बैंक कर्मियों की तर्ज पर ग्रामीण बैंक कर्मियों को पेंशन देने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिनों में हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने का आदेश भी दिया है।

बैंककर्मियों के परिवार के लिए बड़ी राहत
जस्टिस कुरियन जोसेफ के अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के इस फैसले से उन हजारों ग्रामीण बैंककर्मियों के परिवार के लिए बड़ी राहत की खबर है जो कई वर्षों की सर्विस के बाद भी पेंशन की सुविधा नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर पेंशन मांग रहे अन्य प्रान्तों के ग्रामीण बैंक कर्मियों की याचिकाएं भी इस फैसले के आलोक में निपटा दी हैं.

केंद्र सरकार ने दी थी राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
आपको बता दें कि वर्ष 2012 में राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्रामीण बैंक पेंशनर्स समिति की याचिका स्वीकार करते हुए सरकार को आदेश दिया था कि वह नेशनलाइज बैंकों की तर्ज पर ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों को पेंशन देने के तौर तरीके और नियम तय करे। सरकार को इस आदेश पर तीन महीने के भीतर पालन करना था। केन्द्र सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

जस्टिस कुरियन जोसेफ ने अपने आदेश में लिखी ये बात
देश के ग्रामीण आर्थिक विकाश के योगदान में ग्रामीण बैंको की सराहनीय भूमिका है, जिसे नजरअंदाज किया जाना न्याय नहीं होगा। ग्रामीण बैंकों के रिटायर सेवायुक्तों ने कमर्शियल बैंकों के समान पेंशन की मांग गलत की है। इन्हें कमर्शियल बैंको से अधिक सभी सुविधाएं और पेंशन का अधिकार है।
इनपुट:EENADU


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Digital Desk

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