… और अभी सब के बीच बिहार के इस लाल ने कर दिया देश का नाम और भी रौशन, एक गाँव से उठ आज WHO तक


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भारत और बिहार में होमियोपैथी चिकिस्ता में जाना माना नाम डॉक्टर नीतीश चंद्र दुबे द्वारा दिए स्पीच को जेनेवा में काफी गौर से सुना गया और उसे सराहा भी गया. बता दें कि बिहार के कल्याणपुर (मुंगेर) के जाने-माने चिकित्सक नीतीश चंद्र दुबे को स्विटजरलैंड के जेनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र संघ के संगठन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मंच पर होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति के बारे में बोलने के लिए आमंत्रित की गया था. डॉ नीतीश दुबे 21 मई 2018 को जेनेवा पहुंचे, वहां पहुँच कर उन्होंने बड़े ही बेबाक तरीके से अपनी बातों को रखा. जिसे खूब सराहा गया.

पहले ही दिन एक दर्जन से अधिक दुनिया के अलग-अलग देशों से आये डेलीगेट्स डॉ नीतीश दुबे से प्रभावित हुए. डॉ नीतीश दुबे ने जेनेवा में मंगलवार को होनेवाले मुख्य कार्यक्रम से पूर्व सोमवार को सुरक्षित ऑपरेशन के संदर्भ में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अपना पक्ष रखा. अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ते जा रहे डॉ नीतीश दुबे का संबोधन काफी बढ़िया रहा. उनके संबोधन के दौरान कई बार तालियां बजीं. उन्होंने कुछ सवालों के जवाब भी दिये.

डॉ नीतीश दुबे जेनेवा में डब्ल्यूएचओ के वरीय अधिकारियों से मुलाकात में भारत से पहुंचे इस युवा डॉक्टर को भरपूर सम्मान मिला. साथ ही डॉ नीतीश दुबे की नवनिर्मित दवा उत्पादन कंपनी को रिसर्च एंड डेवलपमेंट में सहयोग संबंधी एक एमओयू पर हस्ताक्षर कर अफ्रीका तथा अन्य विकासशील देशों में होमियोपैथी को पहुचाने के लिए बर्नेट होमियोपैथी प्राइवेट लिमिटेड को पार्टनर बनाने का मार्ग भी प्रसस्त कर दिया.

अब मंगलवार की देर शाम विश्व पटल पर होमियोपैथी की भारतीय विधा को पहचान दिलाने को दृढ़संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे डॉ नीतीश दुबे यूनाइटेड नेशंस के महानिदेशक से मुलाकात करेंगे. इसके बाद उनका डब्ल्यूएचओ की हेल्थ असेंबली में संबोधन होगा. जिसे सुनने के लिए कई सम्मानित लोग असेंबली में शामिल रहेंगे.


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