ऐसे प्यार का क्या फायदा जब देनी पड़े जान, क्या यह सही कदम है?


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प्यार के बारे में यह कहा जाता कि यह एक ऐसा ऐहसास है जो दिलों को जोड़े रखता है. एक दुसरे खुशियों और भावनाओं का ख्याल रखना भी प्यार ही हैं. सही मायने में देखा जाये तो प्यार लोगों को जिन्दगी में आगे बढ़ना सिखाता है. पर कुछ लोग नादानी में पीछे ही चले जाते हैं. प्यार में साथ जीने मरने की कसमें खाने लगते हैं. जबकि असलियत में जीने और मरने से कहीं बड़ा है प्यार का स्थान, जो कुछ लोग नहीं समझ पाते हैं और नासमझी में मौत को गले लगा लेते है.

एक ऐसा ही मामला सामने आया है जो रुह कंपाने वाला है. जो आप तस्वीरों में देख सकते हैं. बता दें कि प्रेमी एक युगल ने फांसी के फंदे पर झूल कर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद सनसनी फैलने से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे. फिर दोनों के बीच काफी वक्त से प्रेम प्रसंग चलने की बात सामने आई.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी भूपेंद्र सिंह जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे. जहां पर सिरोही कोठी के नजदीक स्थित पेड़ पर दो युगल प्रेमियों का शव पेड़ पर लटकते हुए मिले. देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतार कर उनकी शिनाख्त करवाई.

पुलिस की जांच में पता चला कि मृतक करण एवं सीमा सीमा माउंट आबू के माचगांव के ही रहने वाले थे.पुलिस पूरे मामले को लेकर आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच में जुट गयी है. बता दें कि यह घटना माउंटआबू के माचगांव इलाके की है. कई पाठक हमसे यह शिकायत भी कर सकते हैं कि हमे इस घटना से क्या मतलब? आपको बता दें कि इस खबर को हम इसलिए दिखा रहे हैं ताकि आज के युवा जागरूक हो और ऐसी गलती न करे. मरने वाले दो बच्चे भी तो देश की संतान हैं. आप ही बताइए क्या यह गलत नहीं है? आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है. प्यार या किसी भी मामलें में यह कदम उठाना गुनाह है.


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