Wednesday, October 27

इस महिला को लेकर सऊदी और कनाडा के बीच हुआ बैन और घमासान

सऊदी सरकार ने इन दिनों एक अजीब अभियान चलाया है जिसके तहत सऊदी के वरिष्ठ धर्मगुरु, विद्वानों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है. अब इन गिरफ्तारी की पीछे की वजह है की यह कार्यकर्ता सऊदी क्राउन प्रिंस बिन सलमान के सुधारों की आलोचना कर रहे है. यही वजह है जसके चलते सऊदी ने कनाडा से संबंध खत्म किये है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने कहा कि सऊदी अधिकारियों ने पिछले दिनों समर बदावी और नासिमा अल-सदाह को गिरफ्तार कर लिया है. समर बदावी को लेकर सऊदी को कनाडा भीड़ गये. दरअसल कनाडा ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं कल इए रिहाई की मांग की थी. जिसके चलते सऊदी ने कनाडा पर आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाकर दोनों देशों के बीच सभी व्यापार पर रोक लगा दी है.
 
 
 
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक,”हम बहुत चिंतित हैं कि रैफ़ बादावी की बहन समर बादावी को सऊदी अरब में कैद कर लिया गया है. इस कठिन समय में कनाडा बादावी परिवार के साथ है और हम रैफ़ और समर बादावी की आज़ादी की मांग करते हैं.” कनाडा की विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने दो अगस्त को ये ट्वीट किया था जिसके बाद से दोनों देशों के बीच में हवाई सेवाएं बाधित हो गई हैं और एक राजनीतिक संकट पैदा हो गया है.

गिरफ्तार कार्यकर्ता

कौन है  समर बदावी ?

समर बादावी 33 साल की एक अमरीकी समाजसेवी हैं जो कि महिला अधिकारों के लिए काम करती हैं. जो इन दिनों सऊदी की जेलों में बंद है. बदावी ने सऊदी में महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज़ उठायी है और ड्राइविंग को लेकर भी महिलाओं का समर्थन किया है.
 
 
समर के भाई रैफ़ बादावी को भी सऊदी अरब में इस्लाम की आलोचना करने के मामले में जेल भेज दिया गया था. इसके साथ ही उनके भाई को इंटरनेट पर इस्लाम की आलोचना करने के मामले में साल 2014 में एक हज़ार कोड़ों के साथ दस साल की सज़ा सुनाई गई थी.

कनाडा के विदेश नीति विभाग ने समर की रिहाई को लेकर ट्वीट करके लिखा है, “कनाडा सिविल सोसाइटी और महिला अधिकारों की बात करने वाली समाजसेवी समर बादावी की गिरफ़्तारी को लेकर चिंतित हैं. हम सऊदी अधिकारियों से समर और दूसरे समाजसेवियों को रिहा करने का निवेदन करते हैं.”
 
 
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के ट्वीट पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, “ये सऊदी राज्य का अपमान है और इसके लिए कड़ी प्रतिक्रिया की ज़रूरत है जिससे भविष्य में कोई सऊदी के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की हिमाकत ना कर सके.” इसके फ़ौरन बाद सऊदी ने कनाडा के राजदूत को देश छोड़ने के आदेश जारी किये.

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