अब वकीलों को नहीं देनी होगी मोटी फीस, लोगों को मिला नया अधिकार, खुद लड़ सकते….

1 min


0
modi123
modi123

अब आम लोगों को उभोक्ता संरक्षण मामले में वकीलों को मोती फीस नहीं देनी होगी. क्योंकि मोदी सरकार ने आम नागरिकों को एक काफी अहम अधिकार दिया है. जिसके बाद व्यक्ति यदि ग्राहक है तो यह अपना के’स खुद लड़ सकता है. दरअसल कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल में सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) को मजूर कर लिया गया है. जिसके तहत ग्राहकों को कई अधिकार दिए गए हैं. इसके तहत अब ग्राहक को बिना वकील के भी अपना केस ल’ड़’ सकते है. इस बिल में इन्वेस्टिगेशन विंग भी होगा. CCPA में से सरकार कंपनियों पर कार्रवाई करेगी. इन्वेस्टिगेशन विंग का हेड डीजी होगा, जबकि एडिशनल डीजी समेत कई अधिकारी इस विंग में शामिल होंगे. सीसीपीए स्वत: संज्ञान ले सकता है. सीसीपीए भ्रामक प्रचार पर रोक के लिए भी काम करेगा.

अब जिला में 1 करोड़ रुपये तक की शिकायत और राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपये की शिकायत कर सकते हैं. पहले वकील रखना पड़ता था, अब बिना वकील के आप लड़ सकते हैं केस.

अब विज्ञापनों में झूठे वादे करने या गलत जानकारी देने पर कंपनियां, सर्विस प्रोवाइडर्स और तक कि उस विज्ञापन को एंडोर्स करने वाले सेलेब्रिटीज को भी सजा हो सकती है. इन चीजों का दोषी पाए जाने पर जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है. इस बिल में प्रावधान रखा गया है कि कोई भी विज्ञापन चाहे वो- प्रिंट, रेडियो, टेलीविजन, आउटडोर, ई-कॉमर्स, डायरेक्ट सेलिंग या टेलीमार्केटिंग किसी भी माध्यम से किया जा रहा हो, अगर इसमें गलत जानकारी दी जाएगी तो ये अपराध की श्रेणी में आएगा.

इस बिल में ऐसे विज्ञापन या मिसलीडिंग ऐड्स को ऐसे परिभाषित किया गया है, जिसमें किसी भी प्रॉडक्ट या सर्विस की झूठी जानकारी देना, झूठी गारंटी देना, कंज्यूमर्स को प्रॉडक्ट के नेचर, सब्सटेंस, क्वांटिटी या क्वालिटी को लेकर फुसलाना या जानबूझकर सर्विस प्रोवाइडर या मैन्युफैक्चरर की ओर से कोई जानकारी छुपाई जाए. इस बिल के तहत दिल्ली में सरकार की ओर से नियुक्त किए गए एक चीफ कमिश्नर की अध्यक्षता में एक सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो उपभोक्ता के अधिकारों के हनन, विज्ञापन के अनैतिक तरीके या गलत दावे करने वाले मिसलीडिंग ऐड्स को रेगुलेट करेगी.

इस बिल के प्रावधान के मुताबिक, सर्विस प्रोवाइडर्स को 10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ अधिकतम 2 साल की जेल की सजा हो सकती है. वहीं सेलेब्रिटीज को 10 लाख रुपये का जुर्माना झेलना पड़ सकता है. वहीं, बार-बार ये गलती करने पर अथॉरिटी उन पर 50 लाख रुपये के जुर्माने के साथ-साथ 5 साल तक जेल की सजा दे सकती है. इसके अलावा अथॉरिटी किसी सेलेब्रिटी के विज्ञापन एंडोर्स करने पर एक साल तक की रोक भी लगा सकती है. वहीं बार-बार यह गलती करने पर यह रोक तीन साल तक बढ़ाई जा सकती है.


Like it? Share with your friends!

0
Digital Desk

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: