भारतीय कामगार ने 14 करोड़ अरब में जीते, दोस्त की किडनी की बीमारी में लगा भारतीयता की पहचान दिलाई


संयुक्त अरब अमीरात में हाल ही में 14 करोड़ रुपये की लॉटरी जीतने वाले भारत निवासी मोहम्मद कुन्ही मय्याला केरल के किडनी मरीज के लिए जीवन रक्षक बनकर सामने आये हैं। मय्याला ने कहा कि वह लॉटरी में मिली राशि से अपने एक करीबी रिश्तेदार को किडनी ट्रांसप्लांट में मदद करने जा रहे हैं।

 
मायाला (42) से बातचीत में कहा, वह मेरे अपने भाई की तरह है। उनके दोनों गुर्दे निष्क्रिय हैं और वह कई सालों से साप्ताहिक डायलिसिस के साथ संघर्ष कर रहा है। मैं शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता कि मैं कितना खुश हूं कि अब मैं उनकी सर्जरी और अन्य आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए खर्च कर सकता हूं।
 

 
उसने बताया कि उसका वह रिश्तेदार भी दो साल पहले तक अबू धाबी में काम करता था लेकिन अपनी स्थिति खराब होने के बाद वह भारत लौट गया। अबू धाबी के बनी यास में एक परिधान की दुकान में सेल्समैन के रूप में मय्याला पिछले 15 वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहा है।
 
 
 
वह विवाहित है और छह और दो वर्ष की उम्र के उसके दो बेटे हैं। उसका परिवार केरल में रहता है। मय्याला के टिकट नंबर 121013 ने बुधवार को बिग टिकट बम्पर रैफल पुरस्कार जीता। कई अन्य विजेताओं की तरह, मय्याला ने बिग टिकट कार्यालय से फोन आने पर इसे एक घोटाला समझा लेकिन बाद में वेबसाइट चेक करने पर उसे अपनी जीत का एहसास हुआ।
 
 
मय्याला ने कहा, यह मेरे जीवन में एक बड़ा बदलाव है। अब बिग टिकट की वजह से मैं एक घर बना सकता हूं और अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकता हूं। जरूरतमंदों की मदद करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।
 

 
उसने कहा, ऐसे कई लोग हैं जो कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ति हैं, जिन्हें महंगी चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। क्योंकि मैंने देखा है कि मेरे भाई गुर्दे के खराब होने से पीड़ति हैं। मैं जितना संभव हो उनकी मदद करना चाहता हूं।
 
 
मय्याला ने कहा कि वह केरल बाढ़ पीड़तिों की मदद के लिए अपने जैकपॉट के एक हिस्सा का भी इस्तेमाल करेगा। उसने कहा, मैंने राज्य के पुनर्निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के निधि में जो कुछ भी कर सकता था, मैं पहले ही योगदान कर चुका था। मैं और अधिक करने की योजना बना रहा हूं।
 
 
यह पूछे जाने पर कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के लिए क्या करेगा, तो लॉटरी विजेता ने कहा कि वह अभी तक अपनी पत्नी को इसके बारे में नहीं बताया है। उसने कहा, मैं अभी तक फैसला नहीं कर पा रहा हूं कि मेरे बच्चों को बताना है या नहीं। बेहतर है कि वे पैसे के मूल्य और साथी मनुष्यों की मदद करने के महत्व को जान सकें

Advertisements
Loading...

Like it? Share with your friends!

0

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भारतीय कामगार ने 14 करोड़ अरब में जीते, दोस्त की किडनी की बीमारी में लगा भारतीयता की पहचान दिलाई

log in

Become a part of our community!

reset password

Back to
log in
Bitnami