भारतीय कामगारों की बढ़ेगी सैलरी, हो गई बड़ी मीटिंग, मिलेगा और बढ़िया मौक़ा


पहली बार भारत और अमेरिका के बीच गुरूवार को 2+2 वार्ता हुई है और जैसा कि बताया जा रहा है कि इस बैठक का लक्ष्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मज़बूत करना और वैश्विक रणनीतिक सहयोग को विशेष तौर पर बढ़ाना है। भारतीय कामगारों को रोज़गार उपलब्ध करना हैं, और साथ ही बेहतर न्यूनतम मानदेय का लाभ भी पहुँचाना हैं.

 

 

इन सारे बातों को लेकर, भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2+2 वार्ता के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पाम्पियो और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से बातचीत की। इस वार्ता में अमेरिका की ओर से एक बार फिर भारत के ईरान से कच्चे तेल के आयात को मुख्य मुद्दा बनाने का भरपूर प्रयास किया गया।

 

 

याद रहे कि कच्चा तेल या क्रूड ऑयल आयात करने वाले दुनिया के शीर्ष देशों में भारत भी है। सऊदी अरब, इराक़, नाइजीरिया और वेनेज़ुएला के आलावा भारत में क़रीब 12% कच्चा तेल सीधे ईरान से आयात होता है। भारत के सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष भारत ने ईरान से क़रीब सात अरब डॉलर के कच्चे तेल का आयात किया था। लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारत पर ज़बरदस्त अमरीकी दबाव है कि वो ईरान से कच्चा तेल आयत करना बंद करे और इसके लिए वॉशिंग्टन, लगातार भारतीय अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है।

दिल्ली में अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि  दूसरे देशों की तरह हमने भारत से भी कहा है कि चार नवंबर 2018 से अमेरिका की ओर से एकपक्षिय तौर पर ईरान से कच्चे तेल के निर्यात पर प्रतिबंध लग जाएंगे। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह नहीं बताया कि अमेरिका द्वारा जब ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा तो फिर तेल आयात करने वाले देश क्या करें?  पोम्पियो ने केवल इतना ही कहा कि पहले सभी देश ईरान से तेल आयात को बंद करें उसके बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

 

इस बीच भारत के अधिकतर जानकारों ने पोम्पियो द्वारा इस तरह की पेशकश को हास्यस्पद बताया है और कहा है कि एक ओर तो अमेरिका यह चाहता है कि भारत, ईरान से तेल आयात न करे जबकि दूसरी ओर उसके पास ईरान से तेल आयात न करने के पश्चात पैदा होने वाले संकट से निपटने का कोई हल नहीं है बल्कि अमेरिकी विदेश मंत्री कहते हैं कि उसपर बाद में विचार किया जाएगा।

 

 

उल्लेखनीय है कि अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों और विशेषकर तेल निर्यात के संबंध में भारत ने बारमबार कहा है कि “वह इस मामले पर बिना किसी दबाव और देश हित में फ़ैसला लेगा”।

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भारतीय कामगारों की बढ़ेगी सैलरी, हो गई बड़ी मीटिंग, मिलेगा और बढ़िया मौक़ा

log in

reset password

Back to
log in
error: Content is protected !!