भागलपुर स्मार्ट सिटी की रेस से बाहर, कहा गए राजेश वर्मा, नगर आयुक्त, मेयर और भोकाली नरेश लोग


कैशलेस बनाने के उद्देश्य से देश के 100 स्मार्ट सिटी के बीच चल रही डिजिटल पेमेंट चैलेंज के पहले राउंड की प्रतियोगिता में पटना को 56वां और बिहारशरीफ(नालंदा) को 69वां स्थान मिला है, जबकि मुजफ्फरपुर पिछड़ गया है। राष्ट्रीय स्तर पर 100 में से 72 शहरों की सूची जारी की गयी है।उसमें मुजफ्फरपुर को सबसे अंतिम 72वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, भागलपुर समेत देश के 28 स्मार्ट सिटी को पहले राउंड में असफल होने पर दूसरे राउंड की प्रतियोगिता से शामिल होने से रोक दी गयी है। यानी पूरे प्रतियोगिता से इन शहरों को बाहर ही कर दिया गया है।

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केंद्र सरकार के शहरी एवं आवास मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को पहले राउंड में सफल 72 स्मार्ट सिटी की सूची जारी की गयी है। सूची केंद्र सरकार के अंडर सेकेट्री संजय शर्मा ने जारी की है। इसमें पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: मध्यप्रदेश के उज्जैन, ग्वालियर और इंदौर है। सातवें नंबर पर यूपी का बरेली व नौवें नंबर पर कानपुर है।

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रांची को 31वां स्थान प्राप्त हुआ है। मुजफ्फरपुर में सबसे पहले ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की प्रक्रिया चार साल पहले शुरू हुई थी। तत्कालीन नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने इसकी शुरुआत करायी थी। निगम में स्वाइप मशीन भी लगायी गयी थी। हालांकि, उनके तबादला के साथ ही ऑनलाइन टैक्स जमा करने की प्रक्रिया थम गयी। इसी का नतीजा है कि मुजफ्फरपुर पूरे प्रतियोगिता में सबसे अंतिम पायदान पर चला गया है। बताया जाता है कि राजधानी पटना को राष्ट्रीय स्तर पर 56वां स्थान मिलने का कारण ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स का जमा होना बताया जा रहा है।

 

 

 

डिजिटल पेमेंट चैलेंज की पहले राउंड की प्रतियोगिता एक जुलाई से शुरू हुई थी। 15 सितंबर को यह खत्म हुई थी। इसके बाद दूसरे राउंड की प्रतियोगिता 20 सितंबर से शुरू कर दी गयी है, जो दिसंबर में खत्म होगी। हर दिन इसकी मॉनीटरिंग राष्ट्रीय स्तर पर गठित सेल ऑनलाइन कर रही है।

 

 

इसमें चयनित स्मार्ट सिटी को कैशलेस बनाने के लिए नगर निगम समेत बैंक, पेट्रोल पंप, सिनेमा हॉल, परिवहन, बिजली, डाक, रेलवे आदि विभागों में जो पैसा जमा होता है। लोगों से ऑनलाइन या स्वाइप मशीन से लिया जा रहा है या नहीं। इससे संबंधित सवाल पूछे गये थे। सभी विभागों को प्रमाण के साथ सवालों का जवाब देना था। इसी आधार पर पहले राउंड के परिणाम को केंद्र सरकार ने घोषित किया है।

 

 

ये हार कई सवाल पैदा करती हैं ?

  • क्यूँ नही शहर को इसके बारे में जागरूक किया गया ?
  • क्यूँ नही कभी किसी भी अधिकारियों, नेताओं और राजनीति के भोकलियों से इसकी चर्चा भी की गयी ?
  • भागलपुर डिवेलप्मेंट के ज़िम्मेदार सांसद को इसकी हवा भी नही लग पाई, कोई प्रयास महोदय के द्वारा क्यूँ नही किया गया ?
  • भागलपुर में रोज़ाना करोड़ों के ट्रैंज़ैक्शन भागलपुर बाज़ार में होते हैं, फिर भागलपुर शहर के लोगों पे ऐसा धब्बा क्यूँ लग पाया ?
  • क्या नेताओ का सच में भागलपुर की इज़्ज़त और स्मार्ट सिटी में मन लग रहा हैं, या केवल BUSY DOING NOTHING में सब व्यस्त हैं ?

 


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