ब्रेकिंग : भागलपुर में डीआईजी विकाश वैभव का बड़ा एक्श’न। पुलिस मह’कमे में हड़’कंप


अपहृत युवक के पिता को दो सप्ताह तक दौड़ाने और एफआईआर दर्ज नहीं करने पर डीआईजी विकास वैभव ने सोमवार को सुल्तानगंज थाने के इंस्पेक्टर अमर कुमार विश्वास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही एसएसपी को विभागीय कार्रवाई शुरू कर लाइन हाजिर करने और प्रपत्र (क) गठित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

Advertisements

इससे पहले एफआईआर दर्ज नहीं करने के आरोप में बीते शनिवार को सजौर थानेदार शंकर दयाल प्रभाकर, रविवार को नवगछिया थाने के इंस्पेक्टर लाल बहादुर निलंबित किया गया था। तीनों थानेदार ने अपहरण जैसे गंभीर मामले में भी केस दर्ज नहीं किया। डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि थाने पर पीड़ितों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भागलपुर, बांका और नवगछिया पुलिस जिले से अब अगर शिकायत आई कि थाने पर पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार या एफआईआर दर्ज नहीं किया गया तो थाने के सभी अफसर, सिपाही और मुंशी को निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने तीनों जिले के एसपी को इस मामले में सख्त निर्देश जारी कर पत्र लिखा है।

Advertisements

 

 

सुल्तानगंज इंसपेक्टर पर भी गिरी गाज
डीआईजी विकास वैभव ने सुल्तानगंज थाने के इंस्पेक्टर अमर कुमार विश्वास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने एसएसपी को इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर लाइन हाजिर करने और प्रपत्र (क) गठित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। सुल्तानगंज थाने के इंस्पेक्टर अमर कुमार विश्वास पर अपहृत युवक के पिता को दो सप्ताह तक दौड़ाने और एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप है।

थाने में लिखित जानकारी दी, इंस्पेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की
तातारपुर थाना क्षेत्र के मंदरोजा मोहल्ले के कृष्ण प्रसाद साह का पुत्र रंजीत कुमार साह उर्फ छोटू (25 वर्ष) 24 मई को घर से अपने फूफा बजरंगी साह के घर सुल्तानगंज काम का रुपये लेने सुल्तानगंज गया था। उसके बाद से वह लापता हो गया था। छोटू के पिता ने कहा कि उसी शाम बहन कल्याणी देवी और बहनोई बजरंगी साह ने फोनकर धमकी दी थी कि बेटे को यहां से ले जाइए। अन्यथा जान मारकर गंगा में फेंक देंगे। रात में घर नहीं लौटने पर अगले दिन सुल्तानगंज गए लेकिन बेटे का कुछ पता नहीं चला। 29 मई को थाने में घटना की लिखित जानकारी दी। इसके बावजूद इंस्पेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। चार-पांच बार थाना जाने पर डांट फटकार कर भगा दिया गया। शनिवार को इंस्पेक्टर डेरा में आरोपी बहन-बहनोई को बुलाकर समझौता करने अन्यथा जेल भेज देने की धमकी दी।

 

 

एक जून को एफआईआर का दिया था आदेश
डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लापता के संबंध में 24 घंटे के अंदर अपहरण का एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। गत एक जून को पीड़ित कि शिकायत पर सुल्तागंज इंस्पेक्टर को एफआईआर का निर्देश दिया गया था। इस मामले में एसएसपी और डीएसपी विधि व्यवस्था को भी फोनकर जानकारी दी गई थी लेकिन दो सप्ताह बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करना गंभीर मामला है। इस मामले में घोर लापरवाही बरती गई है।


Like it? Share with your friends!

0

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ब्रेकिंग : भागलपुर में डीआईजी विकाश वैभव का बड़ा एक्श’न। पुलिस मह’कमे में हड़’कंप

log in

Become a part of our community!

reset password

Back to
log in
Bitnami