बिहार में बदल सकते हैं सियासी समीकरण, सांसद पप्पू के इस पत्र से मिले संकेत, लालू को लेकर ऐसे छलका उनका दर्द


बिहार में एक बार फिर से सियासी समीकरण बदलने के बड़े संकेत मिले हैं. वो संकेत जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अपने एक पत्र के माध्यम दिया है. जो उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखी है. जिसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के मौजूदा स्थिति को लेकर उनका दर्द भी छलका है. पप्पू यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के हेल्थ पर चिंता जताई है और उनके इलाज के लिए उचित व्यवस्था कराने की अपील की है. मधेपुरा सांसद ने कहा है कि एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर से लालू प्रसाद का इलाज करवाना चाहिए. साथ ही उन्होंने लालू प्रसाद को एम्स से अचानक रिम्स शिफ्ट किये जानें पर भी सवाल खड़े किये और इसमें राजनीतिक साजिश होने की आशंका जतायी है.

पप्पू यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि लालू प्रसाद का राजनीतिक सफर काफी लम्बा रहा है. शुरुआत जेपी आंदोलन से की. लंबे संघर्ष के बाद सन 1990 में वे बिहार के मुख्यमंत्री बने और 1995 में भी भारी बहुमत से विजयी रहे. जुलाई, 1997 में लालू प्रसाद यादव ने जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल के नाम से नयी पार्टी बना ली. 2004 के लोकसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव एक बार फिर “किंग मेकर” की भूमिका में आये और रेलमंत्री बने. यादव के कार्यकाल में ही दशकों से घाटे में चल रही रेल सेवा फिर से फायदे में आयी.

पप्पू यादव ने लिखा है कि लालू प्रसाद का देश एवं समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है, लेकिन जहां तक अदालत और कानून का सवाल है इस विषय पर मुझे कुछ भी नहीं कहना है. कानून अपना कार्य करे, लेकिन एक सजा प्राप्त आदमी की जिंदगी की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी बनती है, इस संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है कि कैदी के जीवन की रक्षा करना संबंधित राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. पत्र में उन्‍होंने लिखा है कि अभी लालू प्रसाद यादव गंभीर बीमारी से ग्रसित है, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी एवं हृदय रोग जैसे गंभीर बीमारी से पीड़ित है. जहां लगातार विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी में होना चाहिए, विगत कुछ साल पहले ही इनकी बाइपास सर्जरी भी हुई है. लेकिन राजनीतिकरण के चलते इनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जोकि मानवता के भी खिलाफ है.

उन्होंने लिखा है कि उनका इलाज रांची के जिस अस्पताल में चल रहा है एवं जिस चिकित्सक के निगरानी में चल रहा उस चिकित्सक के बारे में कई बार समाचार पत्र में छप चुका है. उनका उचित इलाज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक के निगरानी में ही हो सकता है, लेकिन जिस तरह अचानक इन्हें दिल्ली से रांची भेजा गया, उसमें किसी साजिश की बू नजर आती है, जिसकी जांच आवश्यक है. उन्‍होंने राष्ट्रपति से निवेदन करते हुए लिखा कि इनके इलाज का उचित प्रबंध किया जाना चहिए एवं अविलंब इनका इलाज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी के करवायी जाये, ताकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं मानवता की रक्षा भी हो सके.

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिहार में बदल सकते हैं सियासी समीकरण, सांसद पप्पू के इस पत्र से मिले संकेत, लालू को लेकर ऐसे छलका उनका दर्द

log in

reset password

Back to
log in
error: Content is protected !!