बिहार के इन 10 शहरों के नाम आई बदनामी, पटना व भागलपुर भी शामिल


केन्द्रीय नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि गंगा के बसे सिर्फ 97 शहरों में से दस शहर 70 फीसदी प्रदूषण का कारण हैं। इन दस में दो बिहार के हैं, जिसमें पटना और भागलपुर शामिल हैं। इन दस शहरों से कुल 1897 एमएलडी गंदा पानी गंगा में बहाया जा रहा है।

मंत्री ने कहा, केन्द्र सरकार सरकार का लक्ष्य 2020 तक गंगा को पूरी तरह साफ करने का है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि दिसंबर 2019 तक गंगा का पानी निर्मल हो जाएगा। वे गुरुवार को दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नमामि गंगे परियोजनाओं की प्रगति पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते रहे थे। सरकार के प्रयासों से गंगा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदूषित जल से बायो सीएनजी का निर्माण की योजना है। गंगा को प्रदूषित कर रहे 251 उद्योगों को बंद किया गया है।

नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 162 शहरों में 120 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

नितिन गडकरी ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के तहत 162 शहरों में 102 परियोजनाओं की मंजूर की गई हैं। इसमें बिहार की 20, उत्तर प्रदेश की 30, पश्चिम बंगाल की 15, उत्तराखंड के 31 परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 24 परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है, जिसकी शोधन क्षमता करीब 1600 एमएलडी है। 45 परियोजना निर्माणाधीन और 33 प्रक्रियाधीन हैं। मंत्री ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट से साफ किए गए पानी का इस्तेमाल बिजली घरों में किया जाएगा। इस पर सहमति बन चुकी है।

नमामि गंगे परियोजना शुरू करने में देरी हुई

मंत्री ने स्वीकार किया कि बिहार समेत कई राज्य में नमामि गंगे परियोजना को शुरू करने में देरी हुई। बिहार में 20 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिसमें से दस पर काम चल रहा है। जबकि दस अन्य प्रक्रियाधीन हैं। इन परियेाजनाओं की कुल लागत 5500 करोड़ रुपए है। पटना में हर घर को सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क से जोड़ना है। पटना में पहाड़ी, बेउर, करमलीचक और सैदपुर में एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क का काम तेजी से चल रहा है।
इनपुट:DBC

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिहार के इन 10 शहरों के नाम आई बदनामी, पटना व भागलपुर भी शामिल

log in

reset password

Back to
log in
error: Content is protected !!