जेता सिंह के गाड़ी के साथ शंकर मोटर्स ने किया ग़ज़ब कांड, ज़ेता सिंह ने मारा FIR


जेता सिंह के मुताबिक, उन्होंने अपने चाचा के नाम से शंकर मोटर्स से जून 2014 में गाड़ी खरीदी। लेकिन दो वर्ष बाद उसमें खराबी आ गई। इंजन आवाज करने लगा। गाड़ी को शंकर मोटर्स के वर्कशॉप में रिपेयरिंग के लिए भेज दिया। गाड़ी ठीक कर वापस कर दिया गया और कहा गया कि इंजन बदल दिया गया है। लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई तो गाड़ी को दोबारा वर्कशॉप भेजना पड़ा। इस बार शंकर मोटर्स द्वारा बताया गया कि गाड़ी का वायरिंग बदलना होगा।

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मरम्मत के बाद ट्रायल के समय शंकर मोटर्स के कर्मी ने गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया और उस समय इंश्योरेंस भी फेल हो गया था। गाड़ी मरम्मत के लायक भी नहीं बची थी। शंकर मोटर्स द्वारा नई गाड़ी देने का वादा किया गया था, लेकिन वह भी नहीं मिली तो कंपनी को शिकायत की गई। इसके बाद शंकर मोटर्स के कुछ लोग मेरे पास आए और गलत तरीके से गाड़ी का इंश्योरेंस कराने को कहा, जिस पर मैंने इनकार कर दिया। शंकर मोटर्स के मैनेजर परिजात मिश्रा ने कहा कि इस बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता हूं।

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डॉ. जेता सिंह ने जीरोमाइल थाने में शंकर मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक व अन्य अधिकारियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। मामला उक्त फर्म से खरीदी गई गाड़ी में खराबी आने से जुड़ा हुआ है। मामले में शंकर मोटर्स के मालिक मोहन हिम्मतसिंहका, सर्विस इंचार्ज सुनील कुमार सिंह, सेल्स इंचार्ज राकेश कुमार देव, कंपनी के नलिन, अमन, गुड्डन अमित व अन्य को आरोपी बनाया गया है।

 


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