चार्टर्ड अकाउंटेंट बनाना चाहता था मुंगेर का मंजर आलम, पढ़ाता था ट्यूशन, इनसे हथियार बनाना सीखा और बना गया तस्कर


पटना. मुंगेर के मुफस्सिल थाने के बरधा गांव के मंजर आलम उर्फ मंजीत ने सपना तो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का देखा था, लेकिन एके-47 व अन्य हथियारों का तस्कर बन गया। उसने इंटर मैथ्स से किया और सीए बनने के लिए बीकॉम में मुंगेर में दाखिला लिया। वह छात्रों को सौ रुपए की फीस पर ट्यूशन पढ़ाता था लेकिन ज्यादा पैसे के लालच में बरधा में अवैध हथियार बनाने वालों से जुड़ गया। उसने पहले वहां बनने वाली पिस्टल की सप्लाई शुरू की। उसमें उसकी खासी आमदनी बढ़ गई। वह अवैध हथियार खरीदने वालों के बीच चर्चित हो गया।

उसका नाम मंजर से मंजी व मंजीत हो गया। मंगलवार को बुद्धा कॉलोनी इलाके से गिरफ्तार मंजर को पुलिस ने बुधवार को रिमांड पर लेकर करीब छह घंटे तक पूछताछ की तो उसने अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में बताया। उसने कहा- उसकी मैथ्स सब्जेक्ट में पकड़ थी। उसका दावा है कि एक बार वह किसी हथियार को देख लेगा तो उसका हूबहू बना देगा। मुंगेर पुलिस भी पटना पहुंची और देर रात तक पूछताछ की।

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सेना के अफसर से सीखा हथियार बनाना : सूत्रों का कहना है कि उसने बताया कि उसका एक रिश्तेदार सेना में आर्मर था। उसने ही उसे हथियार बनाने की ट्रेनिंग दी। जबलपुर से मंजर का तार उसी के गांव के शमशेर ने जुड़वाया। शमशेर जबलपुर के एक अधिकारी से उसकी पहचान कराई फिर शमशेर वहां से एके-47 का पार्ट्स लाने लगा।

सूत्रों के अनुसार जबलपुर, कोलकाता समेत देश के कई आर्डिनेंस डिपो से उसका तार जुड़ा है। उसने बिहार, यूपी, झारखंड के कई बाहुबली विधायकों को एके-47 दिया है। चर्चा यह भी है कि यूपी व बिहार के एक एक-दो बड़े बाहुबली को एके-47 बिना पैसे लिए दिए हैं। उसने कइयों के नाम बताए हैं। पुलिस उसपर छानबीन करने में जुटी है।

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