गोरखपुर के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका। योगी ने गुस्से में सभी अफसरों को…


यूपी पावर कॉरपोरेशन ने विद्युत नियामक आयोग में जो बिजली दर बढ़ोतरी प्रस्ताव दिया है। अगर उसे मंजूरी मिलती है तो पावर कॉरपोरेशन को 7520 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के मुताबिक 7520 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व में से करीब 61 प्रतिशत हिस्सा घरेलू और किसानों से वसूला जाएगा। बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की है।

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विद्युत उपभोक्ता परिषद के मुताबिक 7520 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी में से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ोतरी से कॉरपोरेशन को 4117 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। वहीं किसानों से 787 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कॉरपोरेशन के पास आएगा। इस बढ़ोतरी के बाद कॉरपोरेशन को कुल 65923 करोड़ रुपये मिलेंगे। मौजूदा समय में कॉरपोरेशन को 58403 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि पावर कारपोरेशन अपनी अक्षमता और भ्रष्टाचार की भरपाई घरेलू उपभोक्ताओं से करना चाहता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कॉरपोरेशन बिजली चोरी पर अंकुश लगाने की बात करता है तो दूसरी ओर राजस्व बढ़ोतरी की बात की जाती है। साथ ही उत्पादन लागत में 54 पैसे प्रति यूनिट की कमी की बात करती हैं। दूसरी तरफ उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव देता है।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सख्त लहजे में कहा है कि अफसर मुख्यालय में बैठने की बजाय फील्ड में जाकर सरप्राइज विजिट करें। उन्होंने कहा कि अगर विभाग में कोई भी फाइल तीन दिन से ज्यादा रुकी तो अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। पाठ्य पुस्तकें, स्कूल बैग और यूनिफार्म देर से मुहैया करवाने वाले अधिकारियों को उन्होंने फटकार भी लगाई। उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को तत्काल माध्यमिक स्तर तक करने के निर्देश दिये। जिन पांच जिलों में डायट नहीं है, वहां उन्हें खोलने पर भी मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

मुख्यमंत्री सोमवार को बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए। अमेठी, गाजियाबाद, सम्भल, कासगंज व शामली में अभी तक डायट नहीं है। मुख्यमंत्री ने नये बने हुए मंडलों व जिलों में शिक्षा अधिकारियों के पद सृजन के निर्देश भी दिए। उन्होंने 2019-20 से व्यावसायिक शिक्षा के हाईस्कूल पाठ्यक्रम के तहत वैकल्पिक विषयों के रूप में दैनिक जीवन में उपयोगी विषयों को शामिल करने के सुझाव भी दिए।


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